अब खुशियों के गीत गाओ सखी
राम आ रहे हैं दीप जलाओ सखी।
हर दर पर रंगोली बनाओ सखी
अब फूलों से तोरण बनाओ सखी
राम मय हो गया है सारा भारत
बजने लगी अवध में हैं शहनाइयां
राम मंदिर में फिर से प्रतिष्ठित होंगे
बहुत दिनों से रहते थे जो टेंट में
अब उनको भी देखो घर मिल गया
जो देते हैं सबको परम धाम, घर
खुद के घर में न रह पाये थे वह
अब श्रीराम जी को है घर मिल रहा
खूब नाचो गाओ सुन लो सखी
मिल के शंखनाद सब करो सखी
मेरे राम अवध में आ रहे है ़सखी।
अब खुशियों के गीत गाओ सखी।
•••••पार्वती देवी “गौरा “
देवरिया
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