बोलो जय जय गणपति नमन है मेरे ज ती और सतीस्नान करने बैठे माँ पार्वती इतने मे आ पहुचे वहा जतिगणपति ने रास्ता रोका दिया न जाती को जाने का मौकामुजे रोकने की कोशिश न करीशजाति ने उड़ा दिया गणपति का शीश दौड़ के आई माँ पार्वती किस ने की ये मेरे बाल की दुर्गति मैया ने बोला है शिव मे दे दूंगी अभी मेरा जीव सैन्य को कहा तुम जल्दी जाओ किसी का भी शीश काटकर लाओ मिल गया उन्हें एक साथी मस्ती में जा रहा है ये हाथिशीश पर चलाई गई सिरोही काट दिया शीश बह रहा है लोहिदेवी तुम मत करो अब चिंतन गणपति हो गए हैं अब सजीवन शिव जी ने दिया एक वचन सबसे होगा गणेश जी का पूजन गुलाब जी ने गणेश जी का चित्र दोरियासभी बोलिए साथ ही गणपति बापा मोरीया.डॉ गुलाब चंद पटेल कवि लेखक अनुवादक नशा मुक्ति अभियान प्रणेता ब्रेसट कैंसर अवेर्नेस प्रोग्राम आयोजक Mo 09904480753
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