नमन उस युवा सन्यासी को
जिसने सोच बदल दी थी दुनिया की
चेहरे पर नूर था जिसके
हदय में था अपार आनंद
वो भारत का इक सन्यासी
नाम था जिसका विवेकानंद
परमहंस के इस शिष्य ने पूरी दुनिया में अपने नाम का परचम
लहराया था
विश्व को शांति,दर्शन का पाठ पढ़ाया था जिसने
रग-रग में भरा था स्वाभिमान जिसके
हदय में शोषितों के लिये करुणा था जिसके
जिसके भाषणों को सुनकर दुनिया दंग थी
वो युवा सन्यासी विवेकानंद था
शिकागो की आर्ट गैलरी में उसने
मेरे अमेरिकी भाईयों और बहनों कहकर जब पुकारा था
तब विश्व में भारत का गूंजा जयकारा था
जिस युग पुरुष ने धर्म का प्रतिनिधित्व कर देश में धर्म का मान बढ़ाया था
केशरिया लबादा ओढ़े वो भारत का लाल निराला था
अपने ओजस्वी व्यकित्व से सबके दिलों पर छाया था
जिसने अपने शब्दों के सम्मोहन से सबको मंत्रमुग्ध कर डाला था
वो ईश्वरीय अवतार नाम जिसका स्वामी विवेकानंद था
मधुमिता साहा (राँची)
झारखण्ड