आख़िर क्यूँ लिखते रहते है हम बेतहाशा-“निरेन कुमार सचदेवा”

किसी ने पूछ ही लिया की, इतनी ख़ूबसूरत शायरी कहाँ से लाते हो ?
शायरी लिखने में ऐसी माहिरी कहाँ से लाते हो?
मैंने भी मुस्कुरा कर कह दिया, डुबकी लगानी पड़ती है किसी के ख़यालों में…………
जवाब देने पड़ते हैं किसी के बेइंतेहा सवालों के…………..
नमूना पेश करता हूँ, आख़िर क्यूँ मोहब्बत करते हो मुझ से , और कितनी मोहब्बत करते हो मुझे से?
सच बोल दिया मैंने , अपने आप से मैं उतना प्यार नहीं करता , जितना प्यार मैं करता हूँ तुझ से!
क्यूँ का जवाब था, क्यूँकि तुम समाई हो मेरी साँसों में , मेरे आसों में , मेरे विश्वासों में।
फिर भी कहाँ रुकी सवालों की बौछार, आख़िर कब तक करोगे मुझे इतना प्यार?
फिर मैंने वो गीत गुनगुना दिया , हम जब होंगे साठ साल के , और तुम होगी पचपन की।
कमी तब भी ना तुम्हें होने देंगे अपनेपन की।
तमाम उम्र तुम्हारे नाज़ नख़रे उठाएँगे, तुम्हें पलकों पे बिठाएँगे।
तुम अगर हज़ार बार भी रूठोगी , तो हज़ार बार तुम्हें मनाएँगे।
अगर तुम गमगीन होगी , तो जोकर बन तुम्हें हंसाएँगे।
हम मजनू जैसा दीवाना बन कर दिखाएँगे।
ख़ैर, ज़्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ी , और उसके दिल पर कर लिया हमने इख़्तियार, हमारी मोहब्बत पर उसने कर लिया ऐतबार।
अब हम भी बन जाएगी एक सच्चे आशिक़, बन कर दिखाएँगे उसे एक रसिक।
तो आप भी क्या बनना चाहते हो एक बेहतरीन शायर और शायरी लिखने में दिखाना चाहते हो अपना हुनर?
तो सीख लो तैराकी, सीख को कैसे झाँकते हैं अहसासों और जज़्बातों के अथाह समुन्दर के अन्दर।
भावनाओं और आरज़ुओं में बहना सीख लो और चौबीसों घंटे “I 💗 love you” कहना सीख लो।
फिर शत प्रतिशत करोगे अच्छी शायरी , और तुम्हें मिलेगी प्रीत बेशुमार।
और तुम्हारी प्रीत की नैय्या भी लग जाएगी पार, तुम्हारे जीवन में फिर होगी प्रीत की बारिशों की बौछार!
लेखक———-निरेन कुमार सचदेवा
True love 💗 makes lives adorable 😊, fascinating and pleasurable !!

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