बिहार की प्रतिभाशाली साहित्यकार/कवि रजनी प्रभा को मिला “विद्या वाचस्पति मानद सम्मान”

बिहार की प्रतिभाशाली साहित्यकार/कवि रजनी प्रभा को मिला “विद्या वाचस्पति मानद सम्मान”

हरिद्वार, 12 जुलाई 2025

देश की प्रख्यात साहित्यिक पत्रिका कहानिका द्वारा आयोजित अखिल भारतीय कवि सम्मेलन सह “विद्या वाचस्पति” मानद सम्मान समारोह में बिहार की साहित्यकार रजनी प्रभा जी को उनकी निरंतर साहित्य सेवा, शोध ,रचनात्मक योगदान एवं हिंदी साहित्य के संवर्धन हेतु काशी हिंदी विद्यापीठ उत्तरप्रदेश द्वारा “विद्या वाचस्पति मानद सम्मान 2025” एवम् मकस कहानिका झारखण्ड द्वारा “काव्य रत्न 2025” से अलंकृत किया गया।
गौरतलब है कि रजनी प्रभा जी मकस की संपादक हैं और संस्था के सभी कार्यों में सक्रिय रुप से योगदान देती हैं।
यह गरिमामय आयोजन उत्तराखंड की पुण्य भूमि हरिद्वार के श्री हरिगंगा धाम, भूपतवाला में सम्पन्न हुआ, जिसकी अध्यक्षता हरिद्वार नगर निगम की महापौर श्रीमती किरण जैसल ने की, एवं मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे काशी हिंदी विद्यापीठ वाराणसी के उपकुलाधिपति डॉ. ओमप्रकाश पांडेय, कुल सचिव इंद्रजीत तिवारी, एवं कहानिका पत्रिका के प्रधान संपादक डॉ. श्याम कुंवर भारती।

कार्यक्रम में देशभर से चयनित 30 से अधिक प्रतिष्ठित कवियों व कवयित्रियों ने भाग लिया। इन सबके मध्य बिहार के सीतामढ़ी जिले की रजनी प्रभा सुपुत्री श्री राजकुमार सिंह/राधा सिंह की उपस्थिति और सम्मान पूरे बिहार के लिए गर्व का विषय बना। उन्होंने समारोह को संबोधित करते हुए कहानिका के आगामी अंतरराष्ट्रीय आयोजनों की रूपरेखा भी साझा की, जिसमें नेपाल (अगस्त 2025) और दुबई (अप्रैल 2026) में होने वाले अंतरराष्ट्रीय कवि सम्मेलन सम्मिलित हैं।

रजनी प्रभा, जो स्वयं एक समर्पित साहित्यकार, प्रभावशाली वक्ता संवेदनशील रचनाकार और कर्तव्यनिष्ठ शिक्षिका हैं, वर्षों से हिंदी साहित्य के माध्यम से समाज में जागरूकता और मूल्यपरक चिंतन को सशक्त करती आ रही हैं। उन्होंने अनेक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बिहार की साहित्यिक प्रतिभा को गौरवांवित किया है।

उनके इस सम्मान से मुजफ्फरपुर ही नहीं, बल्कि संपूर्ण बिहार का साहित्यिक परिदृश्य गौरवान्वित हुआ है।

बिहार की धरती पर जन्मी यह साहित्यिक बेटी, आज देशभर में साहित्य के क्षेत्र में अपनी उपस्थिति दर्ज करा रही है, जो आने वाली पीढ़ियों के लिए एक प्रेरणास्रोत है।

संवाददाता
शिखा गोस्वामी “निहारिका

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