
इतिहास नया लिखे जाएंगे।
मेरे राम अवध में आएंगे।।
हर घर में खुशियां मनाएंगे।
जन आराम अवध में आएंगे।।
कलयुग में राघव फिर आएंगे।
हर घर में भगवा लहराएंगे।।
चिंतन करें सब रघुनंदन का।
कल फिर वह शुभ घड़ी आएंगे।।
इतिहास नया लिखे जाएंगे।
मेरे राम अवध में आएंगे।।
घर घर में सब दीप जलाएंगे।
ब्रह्मांड में खुशी की लहर छाएंगे।।
देवगन भी पुष्प बरसाएंगे।
चारों ओर भगवा लहराएंगे।।
इतिहास नया लिखे जाएंगे।
मेरे राम अवध में आएंगे।।
मेरे राम फिर से घर आएंगे।
मेरे राम अवध में आएंगे।।
स्वरचित रचना
संध्या सिंह, पुणे