Posted inpoetry फिर सारे रंज-“अभिषेक मिश्रा” फिर सारे रंज ओ गम बो के आया हूं,फिर आज उसके शहर हो के आया हूं। उसके नैन… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inpoetry क्यूँ भागती हैं औरतें ? सब हैं कमजोर असहाय सी,तरलवत् बहाव सी,अनेकानेक रोकटोक,बचपन से रसोई में दी गई झोंक । पक्षपाती मिलता प्यार,बगल… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inghazal दिल की खुदी-“एच. एस. चाहिल” दिल की खुदी सजे तो, जज्बे न मिटते दिल के।तामील वक्त से हो, हालात खिलते दिल के। कुदरत… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles मददगार इंसान बनो-“निरेन कुमार सचदेवा” चेहरे की चमक और घर की ऊँच्चाइयों पर मत जाना, घर के बुज़ुर्ग अगर मुस्कुराते मिलें तो समझ… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles माँ के प्यार का कोई मोल नहीं-“निरेन कुमार सचदेवा” तेरे आग़ोश में आयें हैं हम ग़म भुला कर , ले जाती थी जहाँ माँ लोरी सुना कर… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles तराशने की कला-“निरेन कुमार सचदेवा” तराशने वाले पत्थरों को भी तराश देते हैं , नासमझ हीरे को भी पत्थर क़रार देते हैं ।ठंडे… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inshayari गजलकाफिया:आररदीफ: हुआ तो कैसे-“डाॅ सुमन मेहरोत्रा’ दिल को लेकर चलते व्यापार हुआ तो कैसे।अश्क जमा न कर सके इजहार हुआ तो कैसे।। माना नासमझ… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles मैं बेवकूफ हूँ {हास्य}-“सुधीर श्रीवास्तव” कितना अजीब लगता हैजब आप कहते हैंकुछ आप भी तो सोचियेथोड़ा सा ही सही विचार तो कीजिए।आप कहते… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles उन्नति करने का नाम ही जीवन है-“निरेन कुमार सचदेवा” मंदिरों और मस्जिदों पर बँधे मन्नतों के बेशुमार धागे हैं इस बात कासबूत——-!कि हर मानव के दिमाग़ में… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inPress Note संविधान दिवस पर प्रसिद्ध साहित्यकार डॉ बाबा साहब अम्बेदकर के रूप में दिखे भारतीय जनता पार्टी गांधी नगर शहर में डॉ बाबा साहब अम्बेदकर प्रतिमा विधान सभा से सेक्टर 21 कमलम… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023