Posted inArticles Events ghazal सनातन धर्म की शाक्त सम्प्रदाय के विभिन्न ग्रंथों के अनुसार____”सत्येन्द्र कुमार पाठक” ज्ञान और समृद्धि की माता ब्रह्मचारिणीसत्येन्द्र कुमार पाठकसनातन धर्म की शाक्त सम्प्रदाय के विभिन्न ग्रंथों के अनुसार माता… Posted by Rajni Prabha April 30, 2024
Posted inArticles Events Press Note भारत धरा बसंती बयार युक्त होकर,__ “स्वरचित कृति: शरीफ़ खान” चैत्र शुक्ल प्रतिपदा भारतीय हिंदी नववर्ष भारत धरा बसंती बयार युक्त होकर,पूरा देश एक सूत्र है इस रोज़।अवनि… Posted by Rajni Prabha April 30, 2024
Posted inpoetry shayari शीर्षक:-मन तो मन है।__ “प्रतिभा पाण्डेय “प्रति” मन प्रीत भी हैमन मीत भी हैमन गीत भी हैमन रीत भी हैमन राह भी हैमन चाह भी… Posted by Rajni Prabha April 30, 2024
Posted inghazal shayari तुम रूह की आवाज़ बन जायो ,__ “कवि———निरेन कुमार सचदेवा।” तुम रूह की आवाज़ बन जायो , मैं ख़ामोशियों की मधुर तान । इस से ख़ूबसूरत क्या होगी… Posted by Rajni Prabha April 30, 2024
Posted inEvents poetry Press Note …संत….मानता हूं वो ही संत, ज्ञान कौ न जामें अन्त, …संत….मानता हूं वो ही संत, ज्ञान कौ न जामें अन्त,मात्र भगवंत जिन्हें प्राण तेऊ प्यारौ है। छोड़ धन… Posted by Rajni Prabha April 30, 2024
Posted inpoetry Press Note Short Story मत सोच तू ऐं! नादान,__”श्रीमती उमेश नाग जयपुर राजस्थान” मतदान मत सोच तू ऐं! नादान,राष्ट्र के हित में काम कर।तू वोट कर तू फर्ज समझदेश के हित… Posted by Rajni Prabha April 30, 2024
Posted inghazal poetry shayari 🌹🌹अपनापन सा लगता है 🌹🌹”कवि सन्तोष पाण्डेय “सरित” गुरु जी” 🌹🌹अपनापन सा लगता है 🌹🌹 जब से मैंने देखा तुमको,अपनापन सा लगता है lरजनी सजनी सी लगती है,दिन… Posted by Rajni Prabha April 29, 2024
Posted inEvents ghazal poetry शीर्षक——इश्क़ पागलपन नहीं तो और क्या है——-? शीर्षक——इश्क़ पागलपन नहीं तो और क्या है——-?? उसकी गली से गुज़रेगी मेरी मय्यत , फ़रिश्ते ये लालच दे… Posted by Rajni Prabha April 29, 2024
Posted inEvents ghazal shayari देवालयों में शंख ध्वनि,__”जुगेश चंद्र दास” देवालयों में शंख ध्वनि,पुष्प गंध पूजा मंत्रोच्चार।आतिशबाजी फुलझड़ी,नव हर्ष नव वर्ष त्यौहार।। चैत्र मास शुक्ल प्रतिपदा,पावन हिंदू नव… Posted by Rajni Prabha April 29, 2024
Posted inEvents ghazal poetry महुआं ने अंगराई ली, चहुं ओर बासंती बयार__ “रजनी प्रभा” हिंदू नववर्ष महुआं ने अंगराई ली, चहुं ओर बासंती बयारआम्र देख बौराए मन,किया धरती ने धानी श्रृंगार। सीमर… Posted by Rajni Prabha April 28, 2024