जहानबाद । विश्व बंधुत्व दिवस के अवसर पर विवेकानंद केंद्र कन्या कुमारी शाखा जहानाबाद की ओर से आयोजित स्वामी सहजानंद पुस्तकालय सह वाचनालय जहानाबाद के कक्ष में वन्धुत्व और विश्व व्याख्यान की अध्यक्षता मगही कवि व नाव निर्माण समिति के अध्यक्ष मनोजकुमार कमल ने की । साहित्यकार व इतिहासकार सत्येन्द्र कुमार पाठक ने कहा कि विश्व वन्धुत्व दिवस 11 सितम्बर, 1970 को विवेकानन्द शिला स्मारक का उद्घाटन हुआ और स्वामी विवेकानन्द ने 11 सितंबर 1893 ई. को शिकागो धर्म महासभा के भाषणों में विश्व बंधुत्व का सन्देश दिया था। हमें स्वामी जी द्वारा दिये गए विचारों का संदेश की सूक्ष्म बारीकियों को समझने की आवश्यकता है। विश्व को भारत के सन्देश की आवश्यकता है। धर्म महासभा का आयोजन, कोलंबस द्वारा अमेरिका की खोज के 400 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में किये जाने वाले आयोजनों का भाग था। महासभा का उद्देश्य, इंसानियत को विश्व का ‘एकमात्र सच्चा धर्म घोषित करना था। भारत की आध्यात्मिक शक्ति के बल पर 5000 वर्षों से भी अधिक इतिहास में भारत ने विश्व बन्धुत्व का निर्वाह किया है। स्वामी विवेकानन्द ने कहा, ‘मैं उस देश का नागरिक होने में गर्व करता हूँ जिसने इस धरती के सभी राष्ट्रों के सताए हुए लोगों और शरणार्थियों को आश्रय दिया है। हिन्दुओं का व्यवहार सार्वभौमिक हो सका, क्योंकि हिन्दू यह दावा नहीं करते कि, ‘जिस भगवान की मैं पूजा करता हूँ’ वही ‘एकमात्र सत्य भगवान है’। बल्कि वह कहते हैं कि ‘केवल भगवान’ ही है और हम सब उसी की अभिव्यक्ति हैं। देश भर की सृजनात्मक शक्तियों का, बिना किसी जाति, धर्म, समाज और क्षेत्र के भेदभाव के, एकत्रीकरण का बिंदु बनाता है । एस एन सिंहा कॉलेज के प्रोफेसर डॉ.उमाशंकर सिंह ‘, विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी शाखा संयोजक डॉ. रविशंकर शर्मा ने अपनी भूमिका निर्वहित की। कार्यक्रम का शुभारंभ शिक्षक श्री अरुण कुमार द्वारा शांति मंत्र एवम् विवेक वाणी से हुआ। उन्होंने राष्ट्रीय उपाध्यक्षा निवेदिता भिड़े जी के पत्र का भी पाठ किया।तत्पश्चात डॉ. अनिल कुमार ने स्वरचित ‘विवेकानंद वंदना’ के साथ विषय प्रवेश में स्वामीजी के व्यापक व्यक्तित्व एवम दर्शन पर सघन प्रकाश डाला। वक्ताओं में श्री राजकिशोर प्रसाद, श्री कृष्ण मुरारी, डॉ. रमेश कुमार, डॉ. वशिष्ठ नारायण सिंह,श्री रवि शेखर एवम् मंचस्थ महानुभावों ने विश्व बंधुत्व दिवस पर अपनी भावपूर्ण प्रस्तुति दी। आशु कवि श्री चितरंजन चैनपुरा ने मंच संचालन किया। शान्ति पाठ से कार्यक्रम का समापन किया गया। कार्यक्रम में विद्यार्थियों एवं जहानाबाद के बुद्धिजीवी शामिल हुए।

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