हमारे प्यारे पिता, दिल में बसते है पिता।बिन बोले हर इच्छा पूरी करते है पिता।घर के सारथी है पिता, ईश्वर का रूप है पिता।दुखों की घाम में छाया,गमों की शीत में धूप हैं पिता।कभी मेरा गर्व हैं, कभी स्वाभिमान हैं पिताकभी सागर, तो कभी आसमान हैं पितासाहस हैं, संबल हैं, शक्ति हैं पिता।श्रृद्धा हैं,पूजन हैं,भक्ति हैं पिता।मनीषा जोशी03 मुकुंद दीप कार्मेल स्कूल रोड़खोपोली महाराष्ट्र 9420600930

शानदार सृजन,पिता पर।
बहुत सुंदर लिखा
बहुत सुंदर प्रस्तुति आपकी अति उत्तम आपकी लेखनी