जहाँ मिलता है हर दर्द को आराम।
उसकी ममता में छुपा है प्यार का सागर, जिससे दिल को मिलती है शरण।
जब रात हो अंधियारी, जीवन लगे अकेला, मातृ शक्ति है वह शान्ति का अद्भुत स्त्रोत, उसमें छिपा है स्नेह का अनमोल गहना, जो जीवन को देता है मीठा सपना, चिर संतोष।
उसकी ममत्व के आंचल में सुरक्षा का एक अभिन्न संगम, जहाँ मिलता है हर मुश्किल का हल।
मातृ शक्ति में छुपा है पवित्रता का अर्थ, जो देता है जीवन को सम्मान।
मातृ है एक पवित्र धारा,जिसमें है सभी की खुशियों का आवास।
उसमें है स्नेह की असंख्य कहानियाँ, जो देती है,हर किसी को नई पहचान।
मातृ शक्ति है सच्चा आश्रय,जिसमें मिलती मां का आंचल, ममत्व। मातृ वो ममत्व है जो हर रोज़ सबको देती है अदृश्य संजीवनी का वरदान।
मातृ की की ममता से बनता है यह संसार, बिन इसके अरमान अधूरा।
जन्म से मृत्यु तक मातृ शक्ति साथ हमें हर कदम पर देता है आधार।
मातृ की लोरियों में छिपा संसार का रहस्य, जिसके बिन जीवन निराधार। मातृ सबके लिए अनमोल रत्न,
जो अमूल्य व्यक्त्तिव है धरोहर।
मातृ की ममता का कोई माप नहीं,
वह है अनंत सागर की अमृत धारा।
मातृ है सामर्थ्य का स्रोत, उसके त्याग से ही मिलता है बलिदानी रहस्य।
स्नेह, समर्पण और संघर्ष परीक्षा,
मातृ से मिलती है जीवन की शिक्षा।
सलाम है तुझे मातृ शक्ति तेरी महिमा को कैसे व्यक्त करे, है कठिन प्रयास।
मातृ प्रेम, वात्सल्य,ममता उसका आँचल एक अद्वितीय गहना तथा वरदान है जो मातृत्व, स्नेह और सुरक्षा का प्रतीक होता है। यह एक संवेदनशील, स्नेहयुक्त मामत्व का अद्भुत आंचल है, जो सुरक्षित और समर्थ का अलौकिक अनुभव सदैव करवाता रहा है,रहता हैऔर रहेगा। कृति द्वारा: शरीफ़ ख़ान, कोटा राजस्थान।।
कविता:::::: (मां ईश्वर का वरदान)
मां, ईश्वर का वो अपने अद्भुत वरदान,
जो हमें देती हैं प्यार और सम्मान। मां के कदमों में जन्नत नसीब है जो हमे देती है दुलार और स्वाभिमान।
मां की ममता ही होती है अनमोल, निर्मल और पवित्र,
हर दुख-सुख में हमारे संग निर्झर, प्रबल और सर्वत्र।
मां की ममता करुणा में ही स्थित है ईश्वरीय वरदान,
जो हर आपदा व विपत्ति का करतीं है प्यार से निदान।
उसके प्यार, करुणा और ममता में सुख-शांति है अथाह,
मां अपने बालक की रक्षा के खातिर नही करती है परवाह।
मां, ईश्वर की अनमोल, अमूल्य कृति और उसका साक्षात वरदान,
यह जीवन अमूल्य है, हमें हर पल रहना है उसका कद्रदान ।
मां, अल्लाह की वो नियामत का स्वरुप,
जो हमें देती हैं प्यार और शांति का रुप।
वो रब्बुल आलमीन की वो ख़ास मखलूक जिसको मिला जन्म दायिनी का स्वरूप।
उसकी ममता हर परेशानी और कठिनाई को करती पार।
मां की करुणा में ही रब की नियामत है बारंबार ।
उसके प्यार, आशीर्वाद, दुआ में सुख शांति समृद्धि मिलती है बार बार,
प्रभु की कृपा से ही हमें मिलती है सच्ची दौलत सिर्फ एक बार।
मां, अल्लाह की नियामत है, अद्वितीय और अनमोल,
उसके बिना जीवन शून्य ख़ाली है, पल पल होता बिनमोल।
मां के कदमों में जन्नत है, उसकी सेवा में सुख व शांति है अपार,
उसकी ममता में विश्वास है, और कदमों में सुख-समृद्धि का सागर।
मां के आशीर्वाद,आशीर्वचन से खुलती है बच्चों के भविष्य की राहें,
उसके साथ कठिन डगर, ज़िंदगी के भंवर को पार करते हैं सारे ।
मां के कदमों में ही सच्चा आनंद और सुख से युक्त,
उनके प्रेम में ही हमारा सर्वोत्तम स्थान है, दुखों से मुक्त।
**रचना कृति द्वारा::: शरीफ़ ख़ान रावतभाटा, कोटा (राजस्थान)।