प्यार,एक प्यारा-सा एहसास है,इसे
जबरदस्ती पाने का प्रयास मत करो
जिसे,सच में तुमसे प्यार है,आयेगा
यूं ही किसी के आने की आस मत करो
रिश्तों के लिए,तुमने दी कुर्बानियां
दूसरों का यूं ही परिहास मत करो
वो जानते हैं,कि तुम मरते हो अपनों पे
उनके लिए खुद को,बदहवास मत करो
सब को चाहिए बस अपना वर्चस्व यहां
समझ आता है तो खुद को ह्रास मत करो
डॉ विनोद कुमार शकुचंद्र