शुभ सोमवार, आपका दिन मंगलमय हो ।

हर रिश्ते में विश्वास रहने दो , ज़ुबान पर हर वक़्त मिठास रहने दो ।
यही तो अन्दाज़ हैं ज़िंदगी जीने का , ना ख़ुद रहो उदास , ना दूसरों को उदास रहने दो ।
जो अन्दाज़ पसंद ना आए उसे कर दो नज़रंदाज , लेकिन अगर कहीं कुछ अन्याय होता देखो तो ज़रूर उठाना अपने आवाज़ ।
दीवानगी , परवानगी को हमेशा रखना आबाद , कभी आसमान में उड़ने को मन करे तो इस्तेमाल कर लेना उन्हें , मन के भीतर जो छिपे हुए हैं आशाओं के परवाज़ ।
गाओ ख़ुशियों के गीत तुम , लबों के साज़ पर , खुदा की देन है तू ,ख़ुद पर नाज़ कर ।
उमंगों तरंगों को बनाओ ज़िंदगी का हिस्सा , और जब जवाँ दिल दोस्तों से रूबरू हों तो उन्हें सुनाओ हर क़िस्सा ।
उदासीनता एक मर्ज़ है , अगर उदास रहोगे तो फिर ज़िंदगी एक क़र्ज़ है ।
इस हसीन ज़िंदगी को बनाओ और भी हसीन , इंद्रधनुशी रंगों से रंग कर लो इसे और भी रंगीन ।
पर एक बात और है , किसी ज़रूरतमंद इंसान के होंठों पर लाना हँसी , यह होना चाहिए आप के जीने का मक़सद ।
करो उसके मदद , और इस काम में कोई कंजूसी ना करना ,पर कर देना हर हद ।
याद करो वो बहुत लोकप्रिय हुआ पुराना मधुर गीत , किसी की मुस्कुराहटों पे हो निसार ।
चलो दर्द उधार लेते हैं दर्द ,और सूद में देते हैं बस प्यार , प्यार और प्यार ।
और एक गीत मुझे याद आ रहा है , प्यार का ज़माना आया , दूर हुए ग़म।
गुम ले के ख़ुशियाँ बाँटते हैं , और कौन बाँटेगा ये ख़ुशियाँ , मैं , तुम और “हम” ।
कुछ बदनसीब लोग हैं इस दुनिया में जिन्हें आप की ज़रूरत है , चलो हम सब साथ मिल कर बदलते हैं उनका नसीब ।
इन की ज़िंदगी में बदलाव ला कर आप भी तो हो जाएँगे ईश्वर के और क़रीब ।
अच्छे करम कर लो तो फिर सिर्फ़ इंसान क्या, मौला भी आप को देगा दुआ ।
और ऊपर वाले की बरसेगी आप पर असीम कृपा ।
चलो हम सब मिल कर रोशन करते हैं इस कायनात को आशाओं की किरणों से , ले कर आते हैं प्यार का एक सैलाब ।
या खुदा हमारा साथ दे ,कर दे ख़्वाहिशओ और उम्मीदों की बरसात , क्या खुदा हमारी फ़रियाद सुनेगा , क्या ऐसा हो पाएगा
जनाब ?
कवि——-नीरेंन कुमार सचदेवा।

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