कहानी लेखन अगले मोड़ पर

अगले मोड़ पर हमारे रास्ते अलग हो जाएंगे। फिर पता नहीं हम कभी मिलेंगे या नहीं, लेकिन मैं भगवान से प्रार्थना करता हूं कि तुम अपने आने वाले जीवन में हमेशा खुश रहो। भगवान ना करे तुम्हारे जीवन में कभी कोई दुख ना आए। लेकिन भविष्य में कभी भी कोई दुख हो तो अपने एक दोस्त के नाते मुझे जरूर याद करना।मैं अपने रिश्ते को तो नहीं बचा सका, लेकिन दोस्ती हमेशा निभाऊंगा।यह कहते हुए भावुक मन से अजय और निशा उस मोड़ पर पहुंच गए जहां वो पहली बार मिले थे। लेकिन आज वही मोड़ इनके जुदाई की निशानी बन गई।निशा को अजय का ये रूप देखकर विश्वास ही नहीं हुआ कि ये वही अजय है जिसने हमारे रिश्ते को कभी अपना समझा ही नहीं। दोनों अलग तो हो गए लेकिन आज भी दोनों एक-दूसरे को उतना ही प्यार करते हैं जितना शुरुआती दिनों में करते थे। लेकिन निशा के मन में यही सवाल उठाते रहते हैं कि मुझसे ऐसी कौन-सी गलती हुई जिसकी वजह से अजय ने मुझसे रिश्ता तोड़ दिया। एक दिन निशा अजय के दोस्त राहुल से मिलती है, अजय के बारे में जानने के लिए क्योंकि राहुल अजय को काफी करीब से जानता था इसलिए निशा सबसे पहले उसी के पास गई।अजय ने राहुल को अपनी दोस्ती का वास्ता दिया था इसलिए पहले तो उसने निशा को कुछ भी बताने से कतरा रहा था, लेकिन जब उसे अजय की हालत याद आई,किस तरह अजय खुद को टूटा हुआ महसूस कर रहा है और उदासी में डूबा हुआ है और दूसरी तरफ निशा के आंखों में अजय के लिए प्यार और तड़प देखा तो राहुल से रहा नहीं गया और उसने निश्चय किया कि अगर अजय और निशा को एक करने के लिए मुझे अजय की दोस्ती खोनी पड़ेगी तो मुझे मंजूर है लेकिन मै अपने दोस्त को उदासी की जिंदगी नहीं जीने दूंगा। और उसने निशा को उस दिन की कहानी बताने लगा।जब अजय ने निशा को एक पराए मर्द के साथ मुस्कुराकर बातें करते हुए देखा था। निशा जिस तरह से उस लड़के के साथ खुश थी तो अजय को लगा कि शायद मैं निशा को वो खुशी नहीं दे पाया जो आज इस लड़के ने निशा को दिया है। और अजय ने उसी दिन निश्चय कर लिया कि कैसे भी करके वो निशा को उस लड़के से मिलवाकर रहेगा। और इसलिए वो उस दिन से निशा के साथ ऐसा व्यवहार करने लगा, जिससे निशा के दिल में अजय के लिए नफरत आ गई और उसने अजय से तलाक ले लिया। ये सब सुनकर निशा की आंखें भर आईं। उसे समझ ही नहीं आ रहा था कि वो अजय को सच्चाई कैसे बताएं।तब उसने राहुल से कहकर अजय को उनके घर बुलाया और वही पर सारी सच्चाई बताई।असल में अजय जिस लड़के को निशा का प्रेमी समझ रहा था वो निशा को अपनी बहन मानता था क्योंकि निशा ने उस लड़के के बूरे समय में उसकी मदद की थी इसलिए वो निशा का आभार व्यक्त करने आया था। निशा की बात सुनकर अजय को खुद पर बहुत गुस्सा आया कि उसने बिना सच्चाई जाने अपनी गृहस्थी को छोड़ दिया। तब वो निशा के कदमों में गिरकर उससे माफी मांगने लगा। तो निशा ने अजय को उठाकर गले से लगा लिया।तब अजय ने घुटनों के बल बैठकर निशा से कहता है कि क्या तुम मुझे एक और मौका दे सकती हो, मैं वादा करता हूं कि दोबारा ये गलती मैं कभी नहीं करूंगा। बिना सच्चाई जाने कभी तुम पर या अपने रिश्ते पर कभी संदेह नहीं करूंगा। निशा ने अजय को माफ करते हुए फिर से अपना लिया।

उदय झा

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *