दोस्तों, कल मेरे जन्म दिन पर इतनी शुभ कामनाएं आईं, तो मैंने ये चंद पंक्तियाँ लिखीं हैं, शुभ मंगलवार, आपका दिन मंगलमय हो।

वैसे सोचा जाए तो जनमदिन का दिन एक साधारण दिन ही होता है , इसे विशेष बनाता है अपनों और दोस्तों का प्यार ।
और सच पुछू तो ये प्यार ही है इस जीवन की नींव , इस जीवन का आधार ।
शुक्र है कि ये जज़्बातें प्यार आज तक क़ायम है , इसीलिए तो आज तक टिका हुआ है यह संसार ।
दोस्तों का प्रेम और मोहब्बत , और बड़ों का आशीर्वाद , ये कर देते हैं ज़िंदगी को और भी आबाद ।
और आज के दिन सब वो ही गीत गुनगुनाते हैं , बार बार दिन ये आए , बार बार दिल ये गाए !!
ज़िंदगी चाहे छोटी हो या बड़ी , भरपूर होनी चाहिए ,तंदूरस्त होनी चाहिए , मदमस्त होनी चाहिए ।
आज मैं अपने माँ बाप को बहुत याद कर रहा हूँ , जिन्हें मैं खो चुका हूँ , क्या करो ,ये है विधि का विधान।
ये एक ऐसी परिस्थिति है जहाँ कोई भी कुछ नहीं कर सकता , बहुत मज़बूर है इंसान।
आभारी हूँ आप सब का ,आप सब ने मेरे जनमदिन पर है बहुत प्यार दर्शाया।
आप के भेजे हुए संदेशों ने है मेरी ज़िंदगी को और भी ख़ुशनुमा बनाया।
बस यही दुआ है मेरी रब से , मेरे इन दोस्तों की दोस्ती को हमेशा बरक़रार रखना , भावनाएँ ज़िंदा रखना , अमर यह प्यार रखना।
बड़ों के आशीर्वादों की भी चाहत है मुझ को,उनके छत्र छाया मैं बाक़ी ज़िंदगी बिताने की हसरत है मुझ को।
बहुत आभारी हूँ दोस्तों , सदा हँसते मुस्कुराते रहना , और इसी तरह मेरी ज़िंदगी को सालों साल अपनी दुआओ से सजाते रहना।

मेरे दिल की गहराई से निकले यह चाँद शब्द समर्पित हैं महरबानों के लिए !!

कवि——-नीरेन कुमार सचदेवा।

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