शुभ मंगलवार, आपका दिन मंगलमय हो

हिंदी की ख़ुशबू उड़ी , आज विश्व की ओर।
पवन प्रभारी गा रहा, है हिंदी की भोर।
पूरी कायनात में हिंदी भाषा मचा रही है शोर ।
हिंदी की शेर ओ शायरी पढ़ते ही छा जातीं हैं घटाएँ घनघोर।
और फिर प्रीत प्रेम की होतीं हैं बारिशें , सब भारतवासी हिंदी में लिखें , कुछ ऐसी हैं मेरी ख्वाहिशें !!!
भारतवासियों ने मज़बूती से थाम रखी है अपनी मातृभाषा की डोर ।
मुझे गर्व है कि मैंने हिंदी का , अपनी मातृभाषा का किया है अध्ययन, आज जब मैं हिंदी में लिखता हूँ तो मेरा मन हो जाता है विभोर ।
और शायरों की शायरी पढ़ कर भी नाचने लगता है मन का मोर !!
मुझे इश्क़ है हिन्दी से , मुझे मोहब्बत है हिंदी से , हिंदी में लिखने का मुझे है जुनून ।
हिंदी भाषा का महत्व फैलाना , अब यही है मेरी ज़िंदगी का मजमून !!!!
आप सब को हिंदी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ और बधाई !!
झूठ नहीं कहूँगा मैं , हिंदी मेरे कण कण में है समाई !!!
कवि——-नीरेन कुमार सचदेवा।

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