Posted inArticles poetry अनजाने बन चले जा रहे,”डाॅ०अनिल गहलौत” अनजाने बन चले जा रहे, सब अपने जाने-पहचाने।साथ खिलखिलाते थे सुख में, हैं वे दुख में भृकुटी ताने।।… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inArticles poetry सुधार करना चाहिए-“धर्मदेव सिंह” समय कह रहा हैधर्मों में परम्पराओं मेंकतर ब्योंत करहमें सुधार करना चाहिए। फिरसंविधान मेंकानून मेंन्याय पद्धति मेंकाट छाँट… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inpoetry मेरी कलम मेरा इतिहास-“कुलदीप सिंह रुहेला” कलम जब चलती है तोशब्दो की कल्पना करती हैंलिखती है मन की पाती कोतो शब्दो के बीज को… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inpoetry अनजाने बन चले जा रहे- “डाॅ०अनिल गहलौत” अनजाने बन चले जा रहे, सब अपने जाने-पहचाने।साथ खिलखिलाते थे सुख में, हैं वे दुख में भृकुटी ताने।।… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inghazal poetry राम-नाम की खीर अनन्य।-“डाॅ०अनिल गहलौत” राम-नाम की खीर अनन्य।खा नर भर-भर, हो जा धन्य।। चले निरंतर अजपा जाप।नाम राम-सा सरल न अन्य।। राम-नाम… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inArticles किसी ने सच ही कहा है कि प्यार एक पागलपन है-“निरेन कुमार सचदेवा” अच्छा लगता है तुम्हें पढ़ना, लिखावट से भी तुम्हारी आवाज़ आती है——-और ये मधुर आवाज़ हमें बहुत भाती… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inArticles गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभ कामनाएँ-“निरेन कुमार सचदेवा” आज 26 जनवरी है , Republic day , गणतंत्र दिवस की आप सब को हार्दिक शुभ कामनाएँ, इस… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inArticles जहाँ अपनों की याद ना आए-“निरेन कुमार सचदेवा” जहाँ अपनों की याद ना आए , वो तन्हाई किस काम की ?जो बिगड़े रिश्ते ना बना दे… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inArticles मुझे जोकर बनना है-“निरेन कुमार सचदेवा” मुझे ना हुक्म का इक्का बनना है , ना रानी का बादशाह , हम जोकर ही अच्छे हैं… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inArticles अन्तरराष्ट्रीय साहित्य गौरव सम्मान से अहमदाबाद में सम्मानित-“डॉ गुलाब चंद पटेल” धरा से गगन तक - 2 के विमोचन कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में शामिल हुएइस कार्यक्रम… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024