Posted inArticles कश्मीर के शैव दर्शन के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन संभव है – कुलपति प्रो पांडेय मनुष्य की आध्यात्मिक यात्रा के कई पक्षों को उद्घाटित करता है शैव दर्शन - कुलपति प्रो मेननसमरसता और… Posted by Rajni Prabha November 7, 2023
Posted inshayari तेरे सुनें जहां में-“कुलदीप सिंह रुहेला” खोंकरतुमको लगातुम ही जीवनकी सारमेरीपतझड़के मौसममें बनके बहारक्यों तुमबनी आज फिर जीने की तमन्ना जागीमेरे ह्रदयमेंसुनेजहां मेंतेरा इंतजार… Posted by Rajni Prabha November 7, 2023
Posted inArticles भैया दूज : भगवान चित्रगुप्त-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” भारतीय वांगमय वेदों पुराणों में मानवीय जीवन के सर्वागीण विकास के लिए गोवर्दधन , भैयादूज और चित्रगुप्त की… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023
Posted inPress Note प्रेस नोट-देवनागरी लिपि की वैज्ञानिकता के संदर्भ में राष्ट्रीय आभासी संगोष्ठी कल होगी। राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना एवं नागरी लिपि परिषद नई दिल्ली की 276वीं राष्ट्रीय आभासी संगोष्ठी कल दिनांक 5 नवम्बर… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023
Posted inArticles लो एक और मजनू ख़ाक हो गया, राख हो गया-“निरेन कुमार सचदेवा” वो लफ़्ज़ कहाँ से लाऊँ , जो तुझको मोम कर दें —— मेरा वजूद पिघल रहा तेरी बेरुख़ी… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023
Posted inArticles सच्चा प्यार , एक अनमोल अहसास है-“निरेन कुमार सचदेवा” तेरी जैसी कोई मिली ही नहीं, कैसे मिलती , तेरे जैसी कोई थी ही नहीं।दीवाना कर दे जो… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023
Posted inArticles Short Story ऐसा था आपसी प्यार-“निरेन कुमार सचदेवा” ठहाके छोड़ आए हैं कच्चे घरों में हम, रिवाज इन पक्के मकानों में बस मुस्कुराने का है ।होली… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023
Posted inArticles लाचार ख्वाहिशें और हसरतें-“निरेन कुमार सचदेवा” कितनी लाचार सी ख़्वाहिशें रहीं होंगी उस यतीम की ,जिसने अपनी साँसें भी बेच दीं भर कर ग़ुब्बारों… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023
Posted inArticles सीधा सदा जीवन व्यतीत करें-“निरेन कुमार सचदेवा” इंसान को कभी अपने वक़्त पर घमण्ड नहीं करना चाहिए , ज़िंदगी है साहेब , छोड़ कर चली… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023
Posted inArticles Short Story सनातन संस्कृति की पहचान है गौ पालन-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” ग्रंथों ,उपनिषदों के अनुसार मानवीय जीवन, संस्कृति, इतिहास का अटूट अंग से सृष्टि की रचना हुई है उसी… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023