Posted inpoetry आंखें-“प्रतिभा जैन” ये आंखें तुमसे प्यार कर बैठी,न जाने क्यों गंगा बना बैठी।बिना जाने ही तुम पर,एतबार कर बैठी।तुमने मुड… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry भाई-“प्रतिभा जैन” बरसों बाद खुशियों का दीदार हुआ,फिर भी मुसीबतों का ढेर नहीं हुआ।खुदा से शिकायत क्या करूं,अपनो का साथ… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inShort Story कहानी-“सुविधा पंडित” विधाता छन्द पर गीत भुला दूँ कुछ दिनों में ही,नहीं ऐसी कहानी हो ।सदा जीती रही जिसको, वही… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inghazal ग़ज़ल( हिंदी)-“हलधर” कमसिन है लाज़वाब है हिंदी की ये ग़ज़ल ।समझो नहीं खराब है हिंदी की ये ग़ज़ल । ये… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry एक दृष्टि-“बृजेंद्र।” सुख शांति समृद्धि चाहिएतो सुदृढ़ करो ताना बाना।हो पड़ोसी हितकर अपनाबजता बहीं आनन्द तराना।। भारत इस सुविधा से… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inArticles संस्मरण-“विकास अग्रवाल बिंदल” अनन्य भाव से माँ शारदे को अनंत नमन और धन्यवाद संस्मरण चाय-कॉफी जब मैं सरस्वती शिशु मंदिर, जहाँगीराबाद… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inArticles शाक्तवाद एवं शाक्त सम्प्रदाय का उपासना में शक्ति-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” शाक्त सम्प्रदाय में सर्वशक्तिमान देवी माना गया है। शाक्त धर्मावलंबी द्वारा विभिन्न देवियों की भिन्न भिन्न रूप में… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry पिता-“डॉ़ . कुसुमलता” पिता वह वटवृक्षजो सदा खड़े रहकरछाया प्रदान करते ।पिता बहते पानी की नदीजिसके जल सेपरिवारजन होते तृप्त ।पिता… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry एक बेटी की नजर मे पिता-“प्रीति चौहान” बेटी की जान होता है पिता,बेटी का स्वाभिमान होता है पिता, बेटी की खुशियों की कुंजी होता है… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry मैं, मैं ना रहा-“डॉ विकास शर्मा” मैं, मैं ना रहाउनसे मिलने के बादखुद को भूल गयाबस रही वो ही याद……. फटी पड़ी थी झोलीऔर… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023