Posted inshayari पत्थर था मैं-“डॉ विकास शर्मा” पत्थर था मैं, वो मोम की तरह पिघला गए,हैसियत है क्या मेरी, अच्छे से बतला गए।जिंदगी बनकर जिंदगी… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry सुनो!-“डॉ विकास शर्मा” बहुत याद आ रही है तुम्हारीये बेरुखी तुम्हारीमुझ पर पड़ रही है भारी तुम्हारा बात बात परवो 'ओये'… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry मैं, मैं ना रहा-“डॉ विकास शर्मा” मैं, मैं ना रहाउनसे मिलने के बादखुद को भूल गयाबस रही वो ही याद……. फटी पड़ी थी झोलीऔर… Posted by Rajni Prabha October 14, 2023
Posted inpoetry पिता -“रजत त्यागी” संघर्ष करता है पिता |संघर्ष से बनता है एक पिता |अपनी संतान के लिये हरनामुमकिन को मुमकिनबनाता है… Posted by Rajni Prabha October 13, 2023
Posted inPress Note सकारात्मक और सक्रियता ही जीवन का आधार होना चाहिए- डॉ. चौधरी राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के तत्वावधान में आभासीय महिला कार्यकारिणी बैठक- पदाधिकारी परिचय, दायित्व एवं कार्य विस्तार पर आभासी… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inpoetry “पिताअंगना”-डॉ सुनीता श्रीवास्तव कई वर्ष बीत गए पिता से जुदा हुए।पिता की आवाज सुनने को ,आज भी मन करता है ।कई… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inpoetry “ख़त”-Ravi Kabra (एक ख़त जो पिता ने लिखा बेटे के नाम वृध्दाश्रम से।) प्रिय बेटा, तू फिक्र न कर मेरीमैं… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inpoetry “मेरे पापा”-वसुंधरा धर्माणी बचपन में उंगली पकड़करउन्होंने मुझे है राह दिखाईपापा की ही बदौलत मैंइस दुनिया में हूं आई बेटों से… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inArticles “आने वाली दिवाली के लिए शुभ कामनाएँ”-निरेन कुमार सचदेवा दिवाली ख़ुशियाँ और रोशनी का त्यौहार है , ख़रीदारी वहाँ से कीजिए जहाँ किसी का बन जाए त्यौहार… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023
Posted inpoetry “पिता”- संचित कांबळे वह होती हैबादल की गरजइंद्रधनू का अचरजगूंज होती है सागर कीऔर सरीता प्यार की…पिता से ही पाते है… Posted by Rajni Prabha October 12, 2023