अयोध्या में मिथिला की सितायन संस्कृति की छाप

अयोध्या में मिथिला की सितायन संस्कृति की छाप
मुजफ्फरपुर। मिथिला की सितायन सांस्कृतिक की छाप और रामोत्सव के अवसर पर अयोध्या धाम में ईस्टर्न ज़ोन कल्चरल कमिटी कोलकाता संस्कृति मंत्रालय कोलकाता भारत सरकार के द्वारा रंगोत्सव का आयोजित किया गया । रंगोत्सव मंच पर स्वर्णिम कला केंद्र, मुजफ्फरपुर, बिहार की ओर से दिव्या स्मृति द्वारा निर्देशित नृत्य नाटिका ‘सीतायण संस्कृति ‘की प्रस्तुति तुलसी उद्यान मंच तथा ‘राम कथा पार्क मंच केंद्र की संस्थापिका डा उषा किरण श्रीवास्तव के नेतृत्व में भगवान राम के रूप में कशिश और माता सीता की किरायदार दीक्षा गायन में वैष्णवी, प्रीति कुमारी वादन में नवीन कुमार झा, अमित कुमार, और राजेश कुमार साह नृत्य अभिनय, अनमोल कुमार, अनिल शेखावत, आरती कुमारी, हिमांशी वर्मा, अंजलि कुमारी, दीक्षा कुमारी,ईशी रानी, नंदनी कुमारी, कशिश कुमारी आदि 17 कलाकारों द्वारा प्रस्तुति की गयी ।। संस्कृति मंत्रालय प्रयाग राज उत्तर प्रदेश के पदाधिकारीय अतुल द्विवेदी एवं अमित ने ने स्वर्णिम कला केंद्र की संस्थापिका डॉ उषा किरण श्रीवास्तव को प्रशस्ति पत्र , मेमोटो ,,अंगवस्त्र एवं कलाकारों को सम्मानित किया । स्वर्णिम कला केंद्र की संस्थापिका डॉ उषाकिरण श्रीवास्तव ने कहा कि मिथिला की सितायन संस्कृति में माता सीता की नारीत्व , नारी की मर्यादा और भगवान राम की मर्यादा और अयोध्या की मिट्टी मिल कर विश्व को मर्यादा और समन्वय का संदेश दिया है ।मिथिला का सितायन संस्कृति की छाप अयोध्या की धारा में समाहित है ।

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