Posted inArticles क्या हम सब मिल कर इस धरती को जन्नत बना सकते हैं-“निरेन कुमार सचदेवा” इन्सान ही इन्सान की दवा है, कोई दुख देता है तो कोई सुकून बन जाता है ——!!और फिर… Posted by Rajni Prabha March 12, 2024
Posted inArticles ये भूख भी क्या शय है-“निरेन कुमार सचदेवा” भूखे का पेट,मज़हब क्या जाने, जो दे निवाला, उसे ही ईश्वर माने……..एक भिखारी से किसी ने पूछा ,… Posted by Rajni Prabha March 12, 2024
Posted inArticles poetry ।।मातृ शक्ति का करें सम्मान।।-“कुमारजैन” मातृ शक्ति के बारे में कहा जग है कि:-"संस्कारों की खाद से ही,आदर्श नागरिक बनते है।अपने गुणों की… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024
Posted inArticles सर्वांगीण सकारात्मक ऊर्जा का पर्व महाशिवरात्रि-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” वैदिक और पुरातन संस्कृति में सृष्टि के रक्षक भगवान् शिव सकारात्मक ऊर्जा स्रोत है। नकारात्मक ऊर्जा स्रोत को… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024
Posted inArticles महिला सशक्तिकरण : सामाजिक अध्याय-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” महिला अधिकार आंदोलन के केंद्र बिंदु और लैंगिक समानता , प्रजनन अधिकार और महिलाओं के खिलाफ हिंसा और… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024
Posted inArticles उनके रूबाब ने हमें शायर बना दिया-“निरेन कुमार सचदेवा” हम तो तुम्हें लिख देते हैं, और ख़ुद बख़ुद बन जाती है शायरी।ऊल जुलूल तो हम बहुत सालों… Posted by Rajni Prabha February 27, 2024
Posted inArticles बँधने वाला है दो दिलों में एक अटूट बन्धन-“निरेन कुमार सचदेवा” दिलों के बंधन में दूरियाँ नहीं गिनते——जहाँ इश्क़ हो वहाँ मजबूरियाँ नहीं गिनते———!तो फिर आख़िर क्या गिनतेहैं——-गिनते हैं… Posted by Rajni Prabha February 27, 2024
Posted inArticles इश्क़ यक़ीनन एक गुनाह , ये अहसास ना चाह कर भी कर देता कई ज़िंदगानियों को तबाह है कुछ गुनाह कर लो इश्क़ जैसा, कोई फ़िक्र नहीं, मुझ पर लगा देना फिर इल्ज़ाम।जिस को आम लोग… Posted by Rajni Prabha February 27, 2024
Posted inArticles गायत्री की आवाज-“तमन्ना” गायत्री की आवाज से अल्का अपनी सोच से बाहर निकाल आंसू पूछते हुए बोली माफ करना मां वह… Posted by Rajni Prabha February 27, 2024
Posted inArticles आप खुश होंगे ना अगर कोई आप के लिए तालियाँ बजायें-“निरेन कुमार सचदेवा” ज़िंदगी में इतनी शिद्दत से निभाना अपना किरदार , के परदा गिरने के बाद भी तालियाँ बजती रहें… Posted by Rajni Prabha February 27, 2024