Posted inArticles poetry सूरज की रोशनी से नहाया सा है!-“राजमाला आर्या” सूरज की रोशनी से नहाया सा है!चिर निद्रा मे सोया था जो बरसों से समाज मेरा!आज जागा- जागा… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles स्वामी विवेकानंद-“डा.महताब अहमद आज़ाद” स्वामी विवेकानंद महान।सब करते उनका सम्मान।।यह युवा दिवस उनके नाम।हिंदुस्तान की थे वो शान।। देश की संस्कृति को… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles Song “स्वामी विवेकानंद”-मधुमिता साहा नमन उस युवा सन्यासी कोजिसने सोच बदल दी थी दुनिया कीचेहरे पर नूर था जिसकेहदय में था अपार… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles युवाओं का प्रेरणा स्रोत है स्वामी विवेकानंद-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” राष्ट्रीय युवा दिवस भारत के युवाओं व नौजवानों के लिए समर्पित राष्ट्रीय युवा दिवस प्रत्येक वर्ष 12 जनवरी… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles विवेकानन्द स्वामी-“प्रतिभा पाण्डेय” आध्यात्म के गुरू वेदांत विख्याता थे,नरेन्द्र नाथ दत्त सनातनी प्रतिनिधित्व दाता थे,अपनी वाक् शैली से अमेरिका का दिल… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles राष्ट्रीय युवा दिवस के शुभ अवसर पर ग्रुप के सभी लोगों को स्वामी विवेकानंद जी की जयंती के साथ-साथ कोटि-कोटि शुभकामनाएं। और मेरी टूटी-फूटी रचनाएं इस प्रकार है तीस वर्ष का ज्योतिपुंज था।ज्ञान पुष्प का सुरभि कुंज था,मस्तक पर थी आरुणि में रेखा।चकित रह गया जिसे… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles poetry हम सनातनी अनुपातक हैं-“बृजेश आनन्द राय, जौनपुर” हम सनातनी अनुपालक हैं, राम सिया गुण गाएंँगे।राम-कथा को कहते-सुनते, निर्मल-मन हो जाएंँगे।। रामकथा सुखदाई जिसमें, मानस मोती… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles यही है हमारी ज़िंदगी की कहानी-“निरेन कुमार सचदेवा” फ़ितरत हमारी ऐसी है , कि नफ़रत करने वाले भी हम से प्यार करने लगते हैं।आदत हमारी कुछ… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles सबके राम-“सुधीर श्रीवास्तव” न राम कल सबके थे न आज हैंफिर यह कहने का मतलब क्या हैकि राम जी तो सबके… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles poetry हम सनातनी अनुपातक हैं-“बृजेश आनन्द राय” हम सनातनी अनुपालक हैं, राम सिया गुण गाएंँगे।राम-कथा को कहते-सुनते, निर्मल-मन हो जाएंँगे।। रामकथा सुखदाई जिसमें, मानस मोती… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024