Posted inArticles मुझे फ़ेसबुक से भी इश्क़ है-“निरेन कुमार सचदेवा” ये फ़ेसबुक ही बेहतर है तमाम ठिकानों से , यहाँ अपनापन तो मिलता है अनजानों से ।सच में… Posted by Rajni Prabha December 13, 2023
Posted inArticles Short Story चाहिए एक कड़क प्याली चाय और एक नर्मदिल महबूब-“निरेन कुमार सचदेवा” महबूब चाय सा बनाओ, जिसकी आदत नहीं, तलब लगे।महबूब ऐसा, जो आपके जीने का सबब बने।अच्छी लगती है… Posted by Rajni Prabha December 13, 2023
Posted inArticles प्रेम एक अजूबा है-“निरेन कुमार सचदेवा” तुमने रूह में समा जाने को प्रेम कहा, मैंने साँसों में बिखर जाने को प्रेम कहा।तुमने नज़रें चार… Posted by Rajni Prabha December 13, 2023
Posted inArticles सब से दोस्ती रखिए-“निरेन कुमार सचदेवा” किसी ने लिखा की नादान से भी दोस्ती कीजिए जनाब , मुसीबत के वक़्त कोई भी समझदार साथ… Posted by Rajni Prabha December 13, 2023
Posted inArticles “सच्चा प्यार- अ ट्रू लव स्टोरी”-“सुमित मानधना” प्रभात और संध्या दोनों एक दूसरे से बेहद प्यार करते थे।नाम तो उनके विपरीत थे। पर दोनों को… Posted by Rajni Prabha December 5, 2023
Posted inArticles इश्क़ क्या इंसान को मुजरिम बना देता है ?-“निरेन कुमार सचदेवा” उन से कह दो कि सज़ा कुछ कम कर दें हमारी , पेशे से मुजरिम नहीं थे ,… Posted by Rajni Prabha December 5, 2023
Posted inArticles या ख़ुदा, मोहब्बत सब की परवान चढ़े-“निरेन कुमार सचदेवा” हमें क़बूल नहीं तुम्हारा, किसी और से रिश्ता——-मेरे लिये तुम हो एक देवता , एक फ़रिश्ता—-!नफ़रत भी करो… Posted by Rajni Prabha December 5, 2023
Posted inArticles अपने जीवन साथी का चुनाव बहुत ध्यान से करें-“निरेन कुमार सचदेवा” हौले हौले पलता है, ज़रा सा ही मिलता है ।ये एक बूँद इश्क़ है, उम्र भर साथ चलता… Posted by Rajni Prabha December 5, 2023
Posted inArticles हिंदी साहित्य में उर्दू शब्दों का उपयोग – लाभ और हानि =”विकास अग्रवाल” यह सर्वविदित है, कि हिन्दी साहित्य में संस्कृत भाषा के शब्दों का उपयोग हुआ करता रहा है और… Posted by Rajni Prabha December 5, 2023
Posted inArticles poetry सर्व-दीपक जला हम उजाला किए…-“बृजेश आनन्द राय” सर्व-दीपक जला हम उजाला किए, दूर होने लगी ये तिमिर, ये निशा। दीप की संस्कृति आज उज्ज्वल हुई,… Posted by Rajni Prabha December 5, 2023