Posted inArticles संसार के किसी अन्य व्यक्ति से नहीं-“बृजेश आनन्द राय जौनपुर” संसार के किसी अन्य व्यक्ति से नहींएक मात्र तुमसे आशा थी कि-- हम-तुम…'साथ बिताए न बिताए हर इक… Posted by Rajni Prabha December 5, 2023
Posted inArticles मददगार इंसान बनो-“निरेन कुमार सचदेवा” चेहरे की चमक और घर की ऊँच्चाइयों पर मत जाना, घर के बुज़ुर्ग अगर मुस्कुराते मिलें तो समझ… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles माँ के प्यार का कोई मोल नहीं-“निरेन कुमार सचदेवा” तेरे आग़ोश में आयें हैं हम ग़म भुला कर , ले जाती थी जहाँ माँ लोरी सुना कर… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles तराशने की कला-“निरेन कुमार सचदेवा” तराशने वाले पत्थरों को भी तराश देते हैं , नासमझ हीरे को भी पत्थर क़रार देते हैं ।ठंडे… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles मैं बेवकूफ हूँ {हास्य}-“सुधीर श्रीवास्तव” कितना अजीब लगता हैजब आप कहते हैंकुछ आप भी तो सोचियेथोड़ा सा ही सही विचार तो कीजिए।आप कहते… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles उन्नति करने का नाम ही जीवन है-“निरेन कुमार सचदेवा” मंदिरों और मस्जिदों पर बँधे मन्नतों के बेशुमार धागे हैं इस बात कासबूत——-!कि हर मानव के दिमाग़ में… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles सर्वांगीण सुख समृध्दि का द्योतक कार्तिक पूर्णिमा-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” सनातन धर्म में प्रत्येक वर्ष की 12 पूर्णिमाएं महत्वपूर्ण होती हैं। अधिकमास या मलमास की पूर्णिमा मिलने के… Posted by Rajni Prabha November 27, 2023
Posted inArticles poetry देवोत्थान एकादशी-“डाॅ सुमन मेहरोत्रा” कार्तिक मास शुक्ल पक्ष एकादशी,कहें प्रबोधिनी या देवोत्थान एकादशी। भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागे,इसे हरि वासर या हरि… Posted by Rajni Prabha November 23, 2023
Posted inArticles Short Story आस्था का पर्व : छठ-“रजनी प्रभा” मनोज बैंगलोर में एक बहुत बड़ी मल्टीनेशनल कंपनी में कार्यरत होता है। जब वह घर से ऑफिस के… Posted by Rajni Prabha November 23, 2023
Posted inArticles poetry हँसते हुए चेहरे-“विकास” हँसते हुए चेहरे का दर्द जान सका नहीं कोई,अंदर से बिखर चुका हूँ मान सका नहीं कोई।जिससे कहा… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023