Posted inArticles बुझते दीयों को भी ऐहतराम चाहिए-“निरेन कुमार सचदेवा” ज़रा अदब से उठाना इन बुझे दीयों को…….इन्होंने कल रात सब को रोशनी दी थी, और जगमग सबकी… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inArticles भाई की लंबी आयु एवं निरोगता का प्रतीक है भैया दूज-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” सनातन धर्म की विभिन्न स्मृतियों में कार्तिक शुक्ल द्वितिया भगवान सूर्य पुत्र यम एवं पुत्री यमी तथा चित्रगुप्त… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inArticles कवि सम्मेलन-“एस के नीरज” कल अचानक एक कवि मित्र मिल गएमुझे देखते ही उनके चेहरे खिल गएबोले - बहुत दिनों बाद हुई… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inArticles अमर शहीदों को मेरा सलाम-“निरेन कुमार सचदेवा” दिया उनके नाम का भी रखना पूजा की थाली में, जिनकी साँसें थम गयीं भारत माँ की रखवाली… Posted by Rajni Prabha November 9, 2023
Posted inArticles Short Story गुमशुदगी सारी उम्र बरकरार रहती है-“निरेन कुमार सचदेवा” मेरी गुमशुदगी कि जब तफ़तीश हुई , मैं बरामद हुआ उनके ख़यालों में ।फ़ेल हो गया कॉलेज की… Posted by Rajni Prabha November 7, 2023
Posted inArticles बहुत अहमियत है दौलत की आज की दुनिया में-“निरेन कुमार सचदेवा” पैसा वो साबुन है जो आज के ज़माने में , हर तरह के दाग साफ़ कर देता है——अफ़सोस… Posted by Rajni Prabha November 7, 2023
Posted inArticles कश्मीर के शैव दर्शन के माध्यम से सामाजिक परिवर्तन संभव है – कुलपति प्रो पांडेय मनुष्य की आध्यात्मिक यात्रा के कई पक्षों को उद्घाटित करता है शैव दर्शन - कुलपति प्रो मेननसमरसता और… Posted by Rajni Prabha November 7, 2023
Posted inArticles भैया दूज : भगवान चित्रगुप्त-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” भारतीय वांगमय वेदों पुराणों में मानवीय जीवन के सर्वागीण विकास के लिए गोवर्दधन , भैयादूज और चित्रगुप्त की… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023
Posted inArticles लो एक और मजनू ख़ाक हो गया, राख हो गया-“निरेन कुमार सचदेवा” वो लफ़्ज़ कहाँ से लाऊँ , जो तुझको मोम कर दें —— मेरा वजूद पिघल रहा तेरी बेरुख़ी… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023
Posted inArticles सच्चा प्यार , एक अनमोल अहसास है-“निरेन कुमार सचदेवा” तेरी जैसी कोई मिली ही नहीं, कैसे मिलती , तेरे जैसी कोई थी ही नहीं।दीवाना कर दे जो… Posted by Rajni Prabha November 4, 2023