संसार

नैनों से निर्झर बहतें हैं,सांसों में प्राण संचार है।है यही रीत वसुधा की,हां यही तो संसार है। सबकी…
कुछ हँस के

कुछ हँस के

कुछ हँस केबोल दिया करो,कुछ हँस केटाल दिया करो,यूँ तो बहुतपरेशानियां हैतुमको भीमुझको भी,मगर कुछ फैंसलेवक्त पे डाल…
कलम के पुजारी

कलम के पुजारी

कलम के पुजारी कलम के पुजारी अब जाग जाएं,निरक्षरता को भारत से दूर भगाएं।उठो जागो सभी को साक्षर…
राखी की लाज

राखी की लाज

राखी की लाज भाई को राखी बाँधनेत्र मेंअश्रु लिएबहन कहती किगाढ़े दिनों मेंतू भूलना मत मुझे भैयामेरी राखी…
भारत और किसान

भारत और किसान

किसान के हृदय मेंभारत बसता हैसपने बसते हैंकि कोई भूखा न रहेकोई भूख से न रोएकोई भूखा न…
क्षणिकाएं

क्षणिकाएं

क्षणिकाएं (1) किसी गुफा में नहीं,दुनिया में रहता हूं।नेतृत्व करता हूं..हर उस किसी का -जो 'खुश' रहता है।।…