Posted inpoetry shayari कभी कभी ख्याल भी-“डॉ विनोद कुमार शकुचंद्र” कभी कभी ख्याल भी,आराम करना चाहते हैंबैठे बैठे यूं ही,सुबह से शाम करना चाहते हैं चली है एक… Posted by Rajni Prabha February 16, 2024
Posted inshayari छन-छन चलती है-“बृजेश आनन्द राय” छन-छन चलती है,इत-उत लखती है,थोड़ा-थोड़ा रुकती है,बात क्या जानिए। गोरी-गोरी भोरनी हैहृदय की चोरनी हैरोक-टोक करने सेरूठेगी मानिए।… Posted by Rajni Prabha February 10, 2024
Posted inshayari मुग्धा -“आनन्द राय” गली-गली ढूढ़ रही,बावरी सी भूल रही,मन जैसा कहीं कुछ,याद न दिलाइए । सुध-बुध खोय रही,बड़ी भली होय रही,बिखरे… Posted by Rajni Prabha February 10, 2024
Posted inpoetry shayari काँटों पर चलकर आई हैं (सजल)-“डाॅ०अनिल गहलौत” काँटों पर चलकर आई हैं, फूलों-सी जो थीं कल आँखें।हुईं खुरदरी खादी-सी अब, थीं जो अब तक मलमल… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inpoetry shayari चाल अभिनव (सजल)-“डाॅ०अनिल गहलौत” चाल अभिनव, ढाल अभिनव, आपका है हाल अभिनव।रंग गिरगिट का चढ़ा है, दिव्य मोटी खाल अभिनव। आप गंगादास… Posted by Rajni Prabha February 3, 2024
Posted inpoetry shayari कहाँ हैं नेताजी हमारे-“धर्मदेव सिंह” आज भारत के युवाजन जन से पूछ रहेकहाँ हैं राष्ट्रवादी नेताजीहमारे ? जिन्होंने घर परिवार तजगुलामी की बेड़ियाँ… Posted by Rajni Prabha January 23, 2024
Posted inpoetry shayari सजल-“भीम सिंह नेगी,” समांत : अनेपदांत : लगा हैमात्रा भार 20 धुएं से यह घर जो भरने लगा है ।कुछ तो… Posted by Rajni Prabha January 19, 2024
Posted inpoetry shayari जाड़ों पड़-“अभय चौरे” जाड़ों पड़ न असो जाड़ों पड़मन कर रजाई म आड़ो पड़एक रजाई स काम नी चललुगाई ख रजाई… Posted by Rajni Prabha January 10, 2024
Posted inpoetry shayari एक छोटा सो तिल भी क्या चीज़ है-“निरेन कुमार सचदेवा” तिल भी क्या चीज़ है , जो गुड पे लगा वो गजक हो गया——-जो गाल पे लगा ,… Posted by Rajni Prabha January 10, 2024
Posted inshayari आपके लिए नया वर्ष शुभ हो-“निरेन कुमार सचदेवा” अभी नए साल के आने में थोड़ा वक़्त है , लेकिन New year resolutions मैं अभी से बना… Posted by Rajni Prabha December 21, 2023