Posted inghazal poetry shayari आसान क्या है ,मुश्किल क्या है ?__ “@आलोक सिंह ‘गुमशुदा'” आसान क्या है ,मुश्किल क्या है ? प्रेम या नफ़रत?सच या झूठ?ईमानदारी या बेईमानी? कई किरदार एक चेहरे… Posted by Rajni Prabha April 28, 2024
Posted inEvents ghazal poetry यह मोह है__”बृजेश आनन्द राय” 'इन्द्रधन्वा-दैवीय-रूपाभाऔरनिर्दोष मुस्कानों की श्वेत-श्यामरिमझिमी-बारिशसंगमरमरी पत्थरों सासदाबहार-काल्पनिक-उठानी-यौवनऔरलम्ब-काया काझूमता सागौनहृदय-हीन भावना-रहितमूर्तियों का मोहऔर जन्म-जन्मांतर केसम्बन्धों का एक-मात्र संस्कार' …जिन्दगी जला… Posted by Rajni Prabha April 28, 2024
Posted inghazal poetry shayari मंजिल का सबको मिल पाना, इतना आसान नहीं होता ।__ “बृजेश आनन्द राय,” मंजिल का सबको मिल पाना, इतना आसान नहीं होता ।पहुँचे शिखरों पर भी टिकना, बिल्कुल आसान नहीं होता।।… Posted by Rajni Prabha April 22, 2024
Posted inghazal Press Note shayari एक हृदय थे हम दो नहीं एक हृदय थे हम__ "बृजेश आनन्द राय" एक हृदय थे हमदो नहींएक मन-प्राण थे हमदो नहींएक पूर्ण विचार… Posted by Rajni Prabha April 22, 2024
Posted inghazal poetry shayari कौन रहा है तुम बिन प्यारा।__ “बृजेश आनन्द राय” कौन रहा है तुम बिन प्यारा।संग, सखा और हृदय दुलारा।।एक तुम्हीं हो मधुऋतु-जाई।फूल सरीखी सुखद सुहाई।। रूप सलोना… Posted by Rajni Prabha April 22, 2024
Posted inghazal shayari तुम्हें फिर याद करते हैं __ “बृजेश आनन्द राय,” चलो हम आज रोते हैं,तुम्हें फिर याद करते हैं ।। सुबह का रूप है आगे ,नरम सी धूप… Posted by Rajni Prabha April 22, 2024
Posted inArticles ghazal poetry न जाओ,रुक जाओ!__ “बृजेश आनन्द राय,” न जाओ,रुक जाओ!तुम रुक गई तो'जीवन' यूँ ही नहीं बीत पाएगा…बल्कि, ये अपना एक-एक पलआत्मा द्वारा मन व… Posted by Rajni Prabha April 22, 2024
Posted inghazal poetry shayari आओ बच्चों, खेलें होली__ “बृजेश आनन्द राय,” कितनी सुन्दर अपनी टोली,आओ बच्चों, खेलें होली । पोपल-बाँस बनी पिचकारीरंग-रंग मारी बौछारीलल्लू, लल्लन, लल्ली, कारीसबकी-अपनी शोभा न्यारीपरबतिया… Posted by Rajni Prabha April 20, 2024
Posted inshayari मंजिल का सबको मिल पाना,__ “बृजेश आनन्द राय,” मंजिल का सबको मिल पाना, इतना आसान नहीं होता ।पहुँचे शिखरों पर भी टिकना, बिल्कुल आसान नहीं होता।।… Posted by Rajni Prabha April 20, 2024
Posted inshayari Short Story ना पूछिए कितनी दुशवार है ये इश्क़ की नौकरी——- “कवि———निरेन कुमार सचदेवा।” शीर्षक———सच्ची प्रीत सिर्फ़ एक बार होती है ——- ना पूछिए कितनी दुशवार है ये इश्क़ की नौकरी——-दिल तबादला… Posted by Rajni Prabha April 20, 2024