——दिल को हमेशा जवान रखना———

——दिल को हमेशा जवान रखना———

उम्र कहती है अब संजीदा हुआ जाए , मन कहता है अब बची ही कितनी है , चलो नादानियाँ कर लें ।
तो जब ज़्यादा अब बची ही नहीं , तू क्यूँ ना इस बची ख़ुची ज़िंदगी में कुछ शैतानियाँ कर लें ।
लेकिन यारो , मान मर्यादा का हमेशा ध्यान रखना, ऐतियात रखना, ऐसा ना कि मौज मस्ती करते हुए अपने लिए पैदा परेशानियाँ कर लें !
हँसना मुस्कुराना , थोड़ी छेड़ छाड जायज़ है , मस्ती कर कुछ ख़ुशनुमा क़िस्से कहानियाँ कर लें ।
इज़्ज़त , मान और सम्मान देना सब को , इबादत करना ईश्वर की , परिवार का ध्यान रखना , ऐसा कर पाक और पवित्र निगेहबानियाँ कर लें ।
मियाँ बीवी का रिश्ता भी एक अजीब ओ ग़रीब रिश्ता है , कभी प्यार मोहब्बत , कभी मन मुटाव , कभी ज़िद करना, चलो हम भी आज कुछ मनमानियाँ कर लें ।
इस बार पूरी तनख़्वाह बीवी के हाथ में ना देना , कुछ पैसे यारो दोस्तों पे उड़ा देना , कहना जेब कट गयी , कुछ ऐसी बेईमानियाँ कर लें !
और अगर बीवी को सच्चाई का पता चल जाए , तो फूल लाकर मना लेना ,माफ़ी माँग लेना, ऐसा जाने जानियाँ कर लें ।
क़ीमती है हर पल , मौसमों को नज़रंदाज ना करना , बारिशों में भीग कर , इश्क़ भरे गीत गा सुहानी जिंदगानियाँ कर लें ।
अलहड़पन , ख़ुशमिज़ाजी , कुछ नख़रे , कुछ अदाएँ , बरक़रार रखना ज़िंदगी के आख़िरी पड़ाव तक , वक़्त है अभी , कुछ दीवानियाँ कर लें !!
कवि——-निरेन कुमार सचदेवा।

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