
मतदान होगा
फिर एक बार घमासान संघर्ष होगा
फिर एक बार मतदान होगा।
कब तक बेईमानों को बेमानी करने दोगे।
झूठ का नाकाब हटा सच को पर्दाफाश करना होगा।
षड्यंत्रों से घिरी जनता को फिर एक बार जागरूक होना होगा।
अपने लिए ना सही आने वाले कल के
लिए हमें मतदान करना होगा।
बच्चों का भविष्य दिख रहा ख़तरे में
घर गृहस्थी की बागडोर भी संभली नहीं जा रही।
सही सोच,सही परामर्श, सही विमर्श,
सही क़दम बढ़ने चाहिए।
रिश्वतखोरों को नहीं जो देश और जनता का भला सोचें, उसी को मतदान होना चाहिए।
निर्मला सिन्हा (स्वतंत्र लेखिका)
ग्राम जामरी डोंगरगढ़ छत्तीसगढ़