जिसकी मति और गति सत्य की हो…….उसका रथ आज भी श्री कृष्ण चलाते हैं…….!
श्री कृष्ण हैं पारखी भी और सारथी भी……अपना दिया हुआ वचन बखूबी निभाते हैं…….!
भगवान कृष्ण ने किया था वादा, कि वो सब इंसानों की करेंगे रक्षा भी और सुरक्षा भी।
प्रभु कृष्ण मौजूद हैं, इसलिए तो ये कायनात है इतनी हसीन भी , रंगीन भी…….
सच बोलूँ तो ये धरती है महाप्रभु कृष्ण के आधीन ही……..
अर्जुन को दिए उपदेश और गीता रच डाली, ऐसे हैं हमारे निर्माता, वो हैं हमारे मालिक और हमारे भ्राता।
श्री कृष्ण के हम हैं शुक्रगुज़ार, हर मानव को दिया है उन्होंने प्यार बेशुमार।
गीता का अध्य्य्न करने से मिलती है बहुत संतुष्टि और असीम ज्ञान की भी होती है प्राप्ति।
एक तरफ़ थे निहत्थे भगवान श्री कृष्ण, और दूसरी तरफ़ भारी भरकम सेना……..फिर भी असत्य की हुई हार……..!
सदियों बीत चुकी हैं , लेकिन आज भी श्री कृष्ण के उपदेशों को पूजता है समस्त सँसार…….!
अर्जुन और श्री कृष्ण ने मिल कर रच डाला महाभारत, भगवान कृष्ण जी को है हमारा कोटि कोटि प्रणाम।
आज भी हम सब निस दिन करते हैं श्री कृष्ण जी पूजा और बहुत मान, सम्मान और ऐहतराम से लेते हैं प्रभु का नाम………!
कवि———निरेन कुमार सचदेवा।

Posted inArticles poetry shayari Short Story