
लाइफ की एकाउंट
हिमांशु पाठक
कुछ शेष रही, कुछ खर्च हुई।
लाईफ की केपिटल चेंज हुई।
प्रोफिट एंड लोस एकाउंट देखा।
ट्रेडिंग एकाउंट को भी देखा।।
कितना पर्चेज कितना सेल किया।
कितना मुझको ग्रोस प्रोफिट हुआ।
कितना मुझको ग्रोस लोस हुआ।
जब अपनी बेलेंस सीट देखी।
अस्थाई,स्थाई संपत्ति देखी।
कितनी लाईबलिटिस अब मुझ पर थी।
रेसियो ऐनालिसिस लाइफ का किया।,
फ्यूचर प्लानिंग की सोच मैंने।
करेंट ,सोलवेंसि,प्रोफिटेबिलिटी आदि,
लगभग सारे रेसियो को चैक किया।
जो शेष रह गई हाथ में थी।
उसको रिइन्वेसटमेंट की सोची।
और सही समय की प्रतीक्षा कर।
उचित अवसर का लाभ उठा।
मैंने प्लानिंग को अंजाम दिया।
लाइफ को अपने सैटेल किया।
लाइफ को अपने सैटेल किया।।
हिमांशु पाठक हल्द्वानी नैनीताल उत्तराखंड