करो भरोसा मोदी पर तो, निष्ठा रखनी पूरी है ।
हिन्दू की रक्षा के खातिर, मोदी बहुत जरूरी है ।।
जिसको भी सत्ता ये सौंपा, देश लूटकर खाते थे ।
गद्दारों के आका बनकर, अपना हमें बताते थे ।।
भक्षक को रक्षक कहते हो, ऐसी क्या मजबूरी है ।
हिन्दू की रक्षा के खातिर, मोदी बहुत जरूरी है ।।
तोड़ा मंदिर को भारत में, नष्ट किया अवशेषों को ।
जान न पाती जनता भोली, उनके कपटी भेषों को ।।
पहन जनेऊ भरमाये जो, रखना उनसे दूरी है ।
हिन्दू की रक्षा के खातिर, मोदी बहुत जरूरी है ।।
मुगलवंश के शासक अब भी, देखो राज जमाये थे ।
आँखे खोलो जागो भाई, दुश्मन जाल बिछाये थे ।।
कहाँ मिली आजादी पूरी, यह तो अभी अधूरी है ।
हिन्दू की रक्षा के खातिर, मोदी बहुत जरूरी है ।।
धर्म सनातन की रक्षा में, कोई तो आगे आया ।
रक्तपात बिन राम लला का, मंदिर जिसने बनवाया ।।
जनता को परिवार बताता, नहीं बगल में छूरी है ।
हिन्दू की रक्षा के खातिर, मोदी बहुत जरूरी है ।।
राजकुमार छापड़िया