
दिनांक:-3/5/2024
मत पर अडिग रहो,
बनो हरिश्चंद्र जैसा,
निर्भय हो निर्भीक रहो,
मतदान करो जश्न जैसा।
घोंटकर घोटालय का गला,
मजबूत किरदार चुनों,
भारत देश विकसित हो,
मतदान कर उसूलदार बनों।
बेहतर भविष्य,
बेहतर आचार-विचार रहे।
सुखद भावना सबकी,
सबका खुशहाल परिवार रहे।
अपनी किस्मत,
अपने हाथों लिखना है।
राजा निष्ठावान हो,
ऐसा सशक्त चुनना है।
जागो, उठो , जाओ,
करो मतदान,
काम ये भविष्य का,
बनाओ अभियान।
(स्वरचित)
प्रतिभा पाण्डेय “प्रति”
चेन्नई
बहुत खूब कहा अति उत्तम आपकी लेखनी