
मतदान
मत सोच तू ऐं! नादान,
राष्ट्र के हित में काम कर।
तू वोट कर तू फर्ज समझ
देश के हित में,
वोट कर तू फर्ज समझ
वोट कर।
समय का तकाजा है
न इसे फिजूल समझ,
देश के हित में तू वोट कर।
लोक हित का पर्व है,
कल के भविष्य का है
प्रश्न तेरे सामने है तू
वोट कर ऐ नादान इंसान।
समय खड़ा है हमारे सामने,
कह रहा है लौटकर तू वोट कर
तू वोट कर।
राष्ट्र के हित का पर्व है,
अलख जगा दें देश प्रेम का;
वोट कर तू वोट कर।
मूल मंत्र है यह यंत्र का
है यह सिद्ध मंत्र लोकतंत्र का।
यह देश हित का सूत्र है,
फर्ज यह ध्यान में रहें;
लिखा है संविधान में।
अगर कोई विवाद बन गया है,
तेरे मन को कचोट गई;
फिर भी तू वोट कर फर्ज
समझकर वोट कर।
समय फिर से आ गया है
लौटकर,
तेरे फैसला का समय आ गया है
वोट कर तू वोट कर।
उस दिशा में फिर से चल ,
तूझे में हैं सभी सिद्धियां।
तूझ वज्र की भांति चोटकर,
राष्ट्र हित में वोट कर,तू
वोट कर वोट कर।
यह लोकतंत्र के हित में,
यह पर्व हमारे हित में है।
हमें फर्ज निभाना है,
हर हालात में हमें वोट देने
जाना है।
बटन दबाऐंगे,अपना फर्ज
निभायेंगे,
अपना वोट देने जायेंगे।
शपथ खाते हैं बटन दबाकर
यंत्र का वोट देना है।
लोकतंत्र को बचाना है
वोट देने जाना है, वोट
देने जाना है।
देश हमारा स्वतंत्र है
नही इसमें कोई भेद है।
समानता सहिष्णुता का
यहां भाव है।
वोट कर तू वोट कर।
स्वाभिमान तेरा वजूद है पर
यह लोकतंत्र का स्वाभिमान है,
वोट कर तू वोट कर तू वोट कर।
जय हिन्द जय भारत 🇮🇳🤚🏻🤝🧙🏻💐🎉🎊🎊
श्रीमती उमेश नाग जयपुर राजस्थान