नारी जीवन की जननी है, यही तोशक्ति न्यारी है।__ ” शरीफ खान”

नारी-शक्ति पर स्वनिर्मित रचना।

नारी जीवन की जननी है, यही तो
शक्ति न्यारी है।
घोर विपत्ति,बाधाओं में भी,
डर कर कभी नहीं हारी है||

नारी जीवन की भव शक्ति है,
भावों की अभिव्यक्ति है|
अबला नहीं वो सबला बनके, जीवन
में संबल देती है||

नारी से ही चलती दुनिया, जीवन
की भागीदारी है|
कण-कण सबमें समा रहा, परम आलोक
की ज्योति है ||

क्षमा शीलता, दया व ममता
सद्-मूल्यों की आचारी है |
सम्मान इन्हे जो मिल जाये तो,
ये सबकी आभारी है||

माता, बहन, बेटी व सहचरी,
कर्तव्य की जिम्मेदारी है।
यही फातिमा,फूले और लक्ष्मी
झांसी वाली रानी है||

शील-हया, विश्वास, समर्पण,
प्रेम-दया की मूरत है |
जीवन के तम अंधकार में, देती
संबल बन ज्योति है ||

जीवन की सहयोगिनी बन,कष्टों
का जहर वो पीती है|
कष्ट, संकट व बाधाओं में, अटल
खड़ी जो सहती है ||

मान इन्हें, सम्मान इन्हें
दो, पावनता-स्वाभिमान इन्हें
|
उड़ने दो स्वछन्द आसमां, दो
ऊंची और परवाज़ इन्हें ||

कविता तैयारकर्ता: शरीफ खान
रावतभाटा , कोटा राजस्थान,
भारत।

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