राधे – राधे – आज का भगवद् चिंतन 11 – 10- 2025 || प्रेरणा ग्राही बनें ||

चींटी से मेहनत, बगुले से तरकीब और मकड़ी से कारीगरी ये हमें अपने जीवन में सीखनी चाहिए। नन्हीं सी चींटी महीने भर मेहनत करती है और साल भर आराम और निश्चिंतता से अपना जीवन जीती है। जीवन में कभी-कभी बहुत मेहनत के बाद भी कार्य सिद्ध नहीं हो पाता है पर वही कार्य कम मेहनत में तरकीब से सिद्ध हो जाता है। बगुला पक्षी हमें सिखाता है कि असफलता की स्थिति में रास्ते बदलो पर लक्ष्य मत बदलो।

 मकड़ी हमें जीवन में रचनात्मकता की सीख देती है। यदि हम सदैव कुछ रचनात्मक करने के लिए प्रतिबद्ध होते हैं तो एक दिन हम पायेंगे कि हमारी रचनात्मकता सृजन का रूप ले चुकी होती है और एक नया अविष्कार हमारे द्वारा निष्पादित हो चुका होता है। मकड़ी की तरह अपने कार्य में निष्ठापूर्वक व्यस्त रहो और मस्त रहो लेकिन जीवन की उलझनों में कभी भी केवल अस्त-व्यस्त मत रहो।

Comments

No comments yet. Why don’t you start the discussion?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *