*
रचना दर्शन के तत्वाधान में 5 सितंबर 2025 को शाम 8 बजे आभासी संगोष्ठी का आयोजन रचना दर्शन मंच की संस्थापिका रजनी प्रभा जी द्वारा किया गया था।
इस संगोष्ठी में मुख्य अतिथि के रूप में डॉ विजय कुमार सालवीय,पूर्व कुलपति यू एस ए युनिवर्सिटी, कार्यक्रम अध्यक्ष के रूप में प्रो. एस. पी. गर्ग (शिकागो) विशिष्ट अतिथि के रूप में प्रो. संदीप कुमार दिल्ली विश्वविद्यालय से उपस्थित रहे।
इस संगोष्ठी का संचालन डॉ प्रतिभा सिंह जी द्वारा बहुत ही सुंदर रीति से किया गया। कार्यक्रम की शुरुवात संजू शरण जी द्वारा सरस्वती वंदना की गई।
इस संगोष्ठी में डॉ विजय कुमार सालवीय जी ने शिक्षक की महता पर उद्बोधन में शिक्षा के क्षेत्र में आज की शिक्षा प्रणाली के लिए चिंता व्यक्त की ।
इस संगोष्ठी में प्रो. संदीप कुमार जी विशिष्ट अतिथि ने भी विषय पर अपना वक्तव्य दिया।
इस संगोष्ठी में कुल मिलाकर 17 कवि, कवयित्रियों ने अपनी अपनी रचनाये प्रस्तुत कीं । इस कार्यक्रम के संरक्षक डॉ. जय कुमार मिश्रा ‘चेतन्य’ दुबई, समीक्षक शैलजा जी और रजनी कांत गिरी मीडिया प्रभारी भी उपस्थित रहे।
इस संगोष्ठी में सभी अतिथियों का स्वागत राजेन्द्र आर्य जी, दिल्ली द्वारा स्वागत भाषण से किया गया।
कार्यक्रम में झारखंड से दिवाकर पाठक जी, मध्य प्रदेश से आशा सखी जी, गुजरात गाँधी नगर से डॉ. गुलाब चंद पटेल जी, रजनी प्रभा जी बिहार, रजनी कांत गिरी, मुकेश कविवर केशव सुरेश रूंन वाला, बेगूसराय से बबीता ठाकुर जी, जय कृष्णमिश्रा जी, राजेन्द्र आर्य जी, मीना पाण्डेय जी, सुनीता रंजन जी, संजू शरण जी, डॉ. प्रतिभा प्रकाश जी, पटना से प्रियंका कुमारी, राजश्री यादव आगरा से और सत्य कृति पटना सभी ने विषय पर अपनी अपनी रचनाये बहुत ही उम्दा ढंग से प्रस्तुत किया गया।
अंत में रचनादर्शन मंच की ओर से संस्थापिका रजनी प्रभा जी द्वारा कार्यक्रम में शामिल सभी अतिथियों,साहित्यकारों और श्रोताओं का आभार व्यक्त किया गया ।
बहुत ही सुंदर कार्यक्रम रहा सभी की प्रस्तुति विषय को संगीन बना दिया बहुत ही अच्छा लगा रजनी प्रभा जी हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएं
डॉ गुलाब चंद पटेल अध्यक्ष गाँधी नगर साहित्य सेवा संस्थान गुजरात