सावन का असर

बेइंतहा सुकून होता है सावन की इन रिमझिम बूंदों में मन मयूर बन संग इसके भींगने को आतुर…

शब्दों की वेणी

शब्दों की वेणी सजा, रचें नव्य प्रतिमान। गद्य पद्य हो या ग़ज़ल, सुन्दर बने सुजान॥ नव्य नवल नूतन…