सीमा की उम्र अभी 18 वर्ष से भी कम थी।फिर भी लड़के वालों की पसंद होने और लड़के के शहर में अच्छे पद पर होने के कारण उसकी शादी कर दी गई। सीमा फूलों से सजी सेज पर पति का इंतजार कर रही होती है। तभी शराब में धुत उसका पति आता है।सीमा घबरा जाती है।उसका पति लड़खड़ाता हुआ कहता है कि ‘मैंने तुमसे शादी सिर्फ मां-बाप के कहने पर कि और तुम उन्हीं के पास रहोगी। मैं तुम्हें कभी अपने साथ नहीं रखूंगा। मैं शहर में किसी और के साथ लिव -इन में हूं। हां,तुम्हें पति का सुख जरूर दे सकता हूं।’ इतना कहते हुए उसने सीमा का घूंघट अपनी तरफ खींचने की कोशिश की।
सीमा ने उसे धक्का दे दूर करते हुए कहा,’मैं आज के जमाने की लड़की हूं। मुझे पता है कि आई.पी.सी 375 के तहत नाबालिग पत्नी से बिना उसकी मर्जी संबंध बनाना रेप की कैटेगरी में आता है।’पति ने हंसते हुए कहा,’पति से छोड़ी हुई लड़की को समाज किस दृष्टि से देखता है तुम्हें पता भी नहीं होगा। क्या -क्या लांछन लगेंगे चरित्र पर पता भी है?’
सीमा कहती है,’मैं यह सब नहीं जानती हूं।पर मैं नहीं चाहूंगी कि एक बार फिर तुम जैसे रावण के कारण लोग आज फिर किसी सीता के चरित्र पर उंगली उठाए।’इतना कहने के साथ ही उसकी सारी बातों की रिकॉर्डिंग जो वह पति की प्यारी बातों को सहेजने के लिए कर रही थी।पुलिस के साथ-साथ सभी रिश्तेदारों को भी भेज देती है

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