आज का रावण।

आज का रावण।

सीमा की उम्र अभी 18 वर्ष से भी कम थी।फिर भी लड़के वालों की पसंद होने और लड़के के शहर में अच्छे पद पर होने के कारण उसकी शादी कर दी गई। सीमा फूलों से सजी सेज पर पति का इंतजार कर रही होती है। तभी शराब में धुत उसका पति आता है।
समय की मांग (श्रमिक)

समय की मांग (श्रमिक)

टूटता रहा बदन उसने उफ़ तलक न की,, उसकी रगो में बहता था ईमानदारी का लहू,, दो जून की रोटी बस उसकी ख्वाइश थी,, वो गुलाब भी बन सकता था मगर बना केवल गेहूं,,
नवनिर्माण है (सृष्टि के निर्माण दिवस पर विशेष)

नवनिर्माण है (सृष्टि के निर्माण दिवस पर विशेष)

जितनी सिद्दत से रूठी महबूबा को मनाने को महंगे उपहार लाते हो,, उससे आधी सिद्दत से भी अगर एक भी फुटपाथ पे सोनेवालों के लिय छत बनाओ,,, तो नवनिर्माण संभव है,,,