Posted inpoetry Song शिव महिमा-“पार्वती देवी” चन्द्र है ललाट पर,शीश गंगा धार है।सर्प माल कंठ में महिमा अपार है। पार्वती गौरा के प्राण वल्लभ… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024
Posted inpoetry Song शिव भोला बना दुल्हा है-“राजमाला आर्या” शिव भोला बना दुल्हा है !नंदी की कर सवारी ,,बारात में भुतों का रैला है !अपनी गौरा को… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024
Posted inghazal गजल -हिमांशु पाठक रात भर करवटें, वो बदलती रही।सिलवटें चादरें उसकी कहती रहीं।। यादों में,रात में उसकी मैं ही मैं था।हिचकियां,रातभर,… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024
Posted inArticles सर्वांगीण सकारात्मक ऊर्जा का पर्व महाशिवरात्रि-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” वैदिक और पुरातन संस्कृति में सृष्टि के रक्षक भगवान् शिव सकारात्मक ऊर्जा स्रोत है। नकारात्मक ऊर्जा स्रोत को… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024
Posted inArticles महिला सशक्तिकरण : सामाजिक अध्याय-“सत्येन्द्र कुमार पाठक” महिला अधिकार आंदोलन के केंद्र बिंदु और लैंगिक समानता , प्रजनन अधिकार और महिलाओं के खिलाफ हिंसा और… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024
Posted inEvents वीरा बहन स्मृति शिविर रोहित लोज थियोंसोफि सोसाइटी अहमदाबाद में डॉ गुलाब चंद पटेल जी ने विशिष्ठ वक्तव्य दिया सारस्वत लोज थियोंसोफिकल सोसायटी गांधी नगर के अध्यक्ष, सुप्रसिद्ध साहित्यकार और सामाजिक कार्यकर डॉ गुलाब चंद पटेल जी… Posted by Rajni Prabha February 27, 2024
Posted inArticles उनके रूबाब ने हमें शायर बना दिया-“निरेन कुमार सचदेवा” हम तो तुम्हें लिख देते हैं, और ख़ुद बख़ुद बन जाती है शायरी।ऊल जुलूल तो हम बहुत सालों… Posted by Rajni Prabha February 27, 2024
Posted inpoetry विवश जिन्दगी ने तोड़ा है-“बृजेश आनन्द राय” पराधीन है तन मन मेराविवश जिन्दगी ने छोड़ा है। पानी बरसे या धन बरसे,कुछ पाने का अधिकार नहीं।महल-मड़ैया… Posted by Rajni Prabha February 27, 2024
Posted inArticles बँधने वाला है दो दिलों में एक अटूट बन्धन-“निरेन कुमार सचदेवा” दिलों के बंधन में दूरियाँ नहीं गिनते——जहाँ इश्क़ हो वहाँ मजबूरियाँ नहीं गिनते———!तो फिर आख़िर क्या गिनतेहैं——-गिनते हैं… Posted by Rajni Prabha February 27, 2024
Posted inArticles इश्क़ यक़ीनन एक गुनाह , ये अहसास ना चाह कर भी कर देता कई ज़िंदगानियों को तबाह है कुछ गुनाह कर लो इश्क़ जैसा, कोई फ़िक्र नहीं, मुझ पर लगा देना फिर इल्ज़ाम।जिस को आम लोग… Posted by Rajni Prabha February 27, 2024