Posted inpoetry होली-“रजनी प्रभा” नैनों की पिचकारी हो,और प्रीत का हो रंगअरमानों की होली खेलूं,फागुन में पिया के संग। गोरे_गोरे गाल पे… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024
Posted inpoetry होली में-“रजनी प्रभा” तन की सुध_बुध किसे भलामन रंग लिया है होली में रोम_रोम पुलकित हुआ हैमेरे संग पीया है होली… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024
Posted inpoetry तुम बिन-“रजनी प्रभा” मुझको केवल नहीं रंगना है, प्रीतम तुझसे होली के दिन,रंग चढ़ाना प्रीत का ऐसा,रह पाऊं न तेरे बिन।… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024
Posted inpoetry हसरत-“रजनी प्रभा” है हसरत मैं खेलूं होली कभीहो गुलाल तेरे और गाल मेरे। सबसे छुप_छुप कर आया करनातुम घर बालम… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024
Posted inpoetry मनमीत-“रजनी प्रभा” अवनी को आकाश रंगे, अनल गले मिले शीतजादू हो इस फाग में,सबको मिल जाए मनमीत। अधरों को मुस्कान… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024
Posted inpoetry “जीजा-साली की होली”-चंद्रकला भरतिया जीजा साली खेलते,मिलकर देखो होली।भंग चढ़ा ली सालीने बेहोश- सी वह होली।जीजा रंगता साली को, मल -मल गोरे… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024
Posted inpoetry जब भी कहना-“प्रतिभा पाण्डेय” जब भी कहना!हाँ निस्वार्थ भाव से कहना,अपनेपन के उभरे चाह से कहना,गुनगुनाते आवाज से कहना,हसीन ख्वाहिशों में डूबकर… Posted by Rajni Prabha March 12, 2024
Posted inpoetry मै नारी-“चंद्रकला भरतिया” मैं नारी।जन्मदात्री सकल मानव जन की।कोमल हृदय ममतामयी,बच्चों का लालन-पालन करती।सुसंस्कारों से उन्हें सजाती।शिक्षा दे सुजान बनाती।। ब्रह्मा… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024
Posted inpoetry शिव भोले बाबा-“चंद्रकला भरतिया” डमरू बजाए शिव, अंग भस्म रमाए।वो डमरू वाला, है बड़ा ही मतवाला।वो कैलाशी, वो अविनाशी,पहने सर्पों की माला।।… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024
Posted inpoetry “नारी को अबला कहो नही”-“अमन रंगेला” नारी को अबला कहो नही,नारी जननी है, शक्ति है।नारी को और सताओ नही,ये दुर्गा भी बन सकती हैं।ये… Posted by Rajni Prabha March 8, 2024