Posted inArticles ghazal poetry आसान क्या है ,मुश्किल क्या है ? आसान क्या है ,मुश्किल क्या है ? प्रेम या नफ़रत?सच या झूठ?ईमानदारी या बेईमानी? कई किरदार एक चेहरे… Posted by Rajni Prabha April 8, 2024
Posted inpoetry मेरा गाॅंव-“राजमाला आर्या” मेरा गाॅंव भी अब शहर सा लगता है!ना रहे अब वो नीम पीपल और आम की अमराई ..वो… Posted by Rajni Prabha March 27, 2024
Posted inghazal poetry इश्क़ ओ मोहब्बत , नियामत नहीं तो और क्या हैं-“निरेन कुमार सचदेवा” छोड़ तो दूँ लिखना मैं अभी के अभी , लेकिन किसी की साँसें चलतीं हैं लफ़्ज़ों से मेरी… Posted by Rajni Prabha March 27, 2024
Posted inpoetry Short Story ।। महादेव-पार्वती की होली ।। एक समय कैलाश पर्वत पर तप साधना में लीन भगवान् शिव का ध्यान अचानक से भंग हो आया।… Posted by Rajni Prabha March 27, 2024
Posted inpoetry shayari मोहब्बत कीजिए शिद्दत से-“निरेन कुमार सचदेवा” तुम ग़लती करती रहो ,मैं मनाता रहूँगा !!आख़िरी साँस तक दिल से मैं तुम्हें यूँ ही चाहता रहूँगा… Posted by Rajni Prabha March 27, 2024
Posted inpoetry रिहाई-“रजनी प्रभा” तुम्हारे कैद से मुझे अब,रिहाई चाहिए नहींमुझे बीमार रहने दो, दवाई चाहिए नहीं। कर लो कैद सांसों में,ताउम्र… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024
Posted inghazal poetry सृजन शब्द ज़िन्दगी-“एच. एस. चाहिल” सजाते रहे हम खुशी ज़िन्दगी की।मगर साथ दिल की खुदी मिट रही थी। भला कौन देता खुशी ज़िन्दगी… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024
Posted inpoetry ब्रजखोरी में कन्हैया-“धर्मदेव सिंह” ब्रज खोरी मेंखेलने होलीआ गये हैं रे कन्हैयाजल्दी चलो रे सखिखेलने उनके संग होली। लिए हैं भरझोली रंगपहने… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024
Posted inpoetry रंग लगाऊं तुझे-“डॉ विनोद कुमार शकुचंद्र” रंग लगाऊं तुझे,आजा प्यार से मैंप्यार दिखाऊं तुझे,आजा प्यार से मैं रंग जमाए प्यार का,ढोल नगाड़ों संगआज नचाऊ… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024
Posted inpoetry बन जाऊं तेरी-“रजनी प्रभा” बन जा तू मेरा कृष्ण,मैं तेरी राधा बन जाऊंजीवन बन जा तू आधा मेरा, मैं सांसे आधा बन… Posted by Rajni Prabha March 25, 2024