Posted inpoetry सजल-“डाॅ०अनिल गहलौत” जनता ने कस ली कमर, अपना आप सँभाल।आँखों के डोरे हुए, देखो कैसे लाल।। सत्य सनातन पर उठी,… Posted by Rajni Prabha January 20, 2024
Posted inpoetry डबल समांत-“डाॅ०अनिल गहलौत” फटा ढोल ही धर्म-निरपेक्षता का, बजाते रहे हो बजाते रहोगे।कि हिंदुत्व की राह में खूब काँटे, बिछाते रहे… Posted by Rajni Prabha January 20, 2024
Posted inpoetry सजल-“डाॅ०अनिल गहलौत” समांत -- आस / पदांत -- हैमात्राभार -- १६ झूठ हँस रहा सच उदास है।धूर्त तिमिर का… Posted by Rajni Prabha January 20, 2024
Posted inpoetry Song तब राम मिले थे-“तरुण बंदा” तब राम मिले थे काकभुशुंडि जी की वाणी मे।अब भी राम मिलेगे राम का नाम सुनने से।। तब… Posted by Rajni Prabha January 20, 2024
Posted inArticles poetry बस एक अन्तर दिखा-“प्रतिभा पाण्डेय” वक्त का क्या?कल गुजरा था बहुत पास से,रिश्ता तोड़ा कायनात से,उम्मीद छीना था ना जाने कितने विश्वास से… Posted by Rajni Prabha January 20, 2024
Posted inpoetry उतार-चढ़ाव का रंग-“प्रतिभा पाण्डेय” सहजता - असहजता के रंग,अंधेरा और प्रकाश के रंग,उतार-चढ़ाव के रंग ,कुछ सफेद कुछ लाल रंग,कभी दिया कभी… Posted by Rajni Prabha January 19, 2024
Posted inpoetry दोहे-“भीम सिंह नेगी” प्राण प्रतिष्ठा राम की, देखेंगे सब लोग ।हाथ जोड़ होंगे खड़े, नफरत का जिन रोग ।। अंत समय… Posted by Rajni Prabha January 19, 2024
Posted inpoetry पीली -पीली सरसों फूली-“बृजेश आनन्द राय” भटकी बयार राहें भूली, कुंजन-कलिन बहारों में।पीली-पीली सरसों फूली, पग-पग खेत कछारों में।। कभी कुहासों में पालों की,… Posted by Rajni Prabha January 19, 2024
Posted inpoetry आज मकर संक्रांति पर-“संतोष श्रीवास्तव” मुझे याद आ रहा है,वह दिन,जब मैं जगदलपुर में,रहा करता था,आज के दिन,अपने हाथों में,खिचड़ी के पैकेट लेकर,निकल… Posted by Rajni Prabha January 19, 2024
Posted inpoetry shayari सजल-“भीम सिंह नेगी,” समांत : अनेपदांत : लगा हैमात्रा भार 20 धुएं से यह घर जो भरने लगा है ।कुछ तो… Posted by Rajni Prabha January 19, 2024