Posted inpoetry प्राण’ नहीं बच पाएगा-“बृजेश आनन्द राय” मौन, उपेक्षा और अनादर,जीवन भर तड़पाएगा ।प्रि्ये, तुम्हारे षडयंत्रों से'प्राण' नहीं बच पाएगा।। क्या ग्रन्थि है अविश्वास कीजिसमें… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles poetry हम सनातनी अनुपातक हैं-“बृजेश आनन्द राय, जौनपुर” हम सनातनी अनुपालक हैं, राम सिया गुण गाएंँगे।राम-कथा को कहते-सुनते, निर्मल-मन हो जाएंँगे।। रामकथा सुखदाई जिसमें, मानस मोती… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inpoetry आरंभ है शिव-“तरुण बंदा” आरंभ है शिव, शिव ही हैं अंत, शिव सौम्य रूप, शिव ही प्रचंड, विज्ञ, प्रज्ञ, सर्वज्ञ सदाशिव, शून्य… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles poetry हम सनातनी अनुपातक हैं-“बृजेश आनन्द राय” हम सनातनी अनुपालक हैं, राम सिया गुण गाएंँगे।राम-कथा को कहते-सुनते, निर्मल-मन हो जाएंँगे।। रामकथा सुखदाई जिसमें, मानस मोती… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles poetry आज उसने-“डॉ विनोद कुमार शकुचंद्र” आज उसने,जाति को आस्था से जोड़ दियाएक धर्मात्मा ने,सबकी आंखों को फोड़ दिया सोच रहा हूं,क्या सोच कर… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inpoetry हिंदी है आन हमारी-“विजय कुमारी सहगल” हिंदी है आन हमारी हिंदी है शान हिंदी से ही है हम सब की पहचान हिंदी ही है… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inpoetry 🙏🙏बूंद-बूंद को तरसेंगे🙏🙏-“भीम सिंह नेगी” बरखा रानी रूठ गई हैधरती तपन असहाय।चमकते सूरज से लग रहाआज हर हृदय को भय।। फसलें पानी मांग… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inpoetry हिंदी-“गोपाल कुमार पांडेय’ हिंदी!हमारी शान हो तुम,हिंदी!हमारी जान हो।।हे मातृभाषा! हे जननी!तुम हीं मेरी पहचान हो ।प्रियतम की प्रेयसी हो तुम।झींगुर… Posted by Rajni Prabha January 13, 2024
Posted inArticles poetry मेरी हिन्दी-“प्रतिभा पाण्डेय” माथे पर बिन्दी सी सुसज्जित मेरी हिन्दी,मृदुभाषी,शर्मीली दुल्हन सी मेरी हिन्दी,हिन्दुस्तान की धरोहर मेरी हिन्दी,नित नूतन गति पर… Posted by Rajni Prabha January 10, 2024
Posted inpoetry shayari जाड़ों पड़-“अभय चौरे” जाड़ों पड़ न असो जाड़ों पड़मन कर रजाई म आड़ो पड़एक रजाई स काम नी चललुगाई ख रजाई… Posted by Rajni Prabha January 10, 2024