Posted inArticles poetry Short Story 🌾🥥🥥🍌छठ महिमा🍌🥥🥥🌾🌾-“डॉ. कवि कुमार निर्मल” नहाय-खाय-खरना-पारन, भारत में छठ लोकप्रिय है।कार्तिक शुक्ल अष्टमी, चार दिन का, घाट पर मेला है।। १९ नवंबर सोमवार,… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inpoetry छठ माई-“राजकुमार छापड़िया” सूर्य देव को अर्ध्य लगाएं ।चर्म रोग को दूर भगाएं ।।गीत छठी माई की गाएं ।महिमा मैया की… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inpoetry स्त्री मन का प्रेम-भाव=”विकास अग्रवाल” चेहरे पर झुर्रियाँ हैं लेकिन आँखों चमक है ।ज़िंदगी में खुशियाँ हैं दिखती कितनी दमक है ।। मुँह… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inpoetry किससे कहूँ-“डॉ विकास” किससे कहूँ, कौन सुनेगा, सब अपने में मस्त हैं,आज मुझे जरूरत है साथ की तो सब व्यस्त हैं।… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inArticles poetry दुनिया की भीड़ में-“डॉ विकास शर्मा” दुनिया की भीड़ में कोई मेरा अपना नहीं है,जो टूटा ना हो ऐसा कोई मेरा सपना नहीं है।… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inpoetry हाइकु-“कैलाश परमार” घोर अंधेराकर रहा संघर्षनन्हा दीपक सीख लिया हैलड़ना आंधेरों सेरह अडिग स्वयं दीप्त हूँप्रखर विचारों सेदुर्जन पस्त उर… Posted by Rajni Prabha November 17, 2023
Posted inpoetry बच्चों का दर्द-“धर्मदेव सिंह” देश के जब हम भविष्य हैंतब क्यों किया जाता हमारा भविष्य नष्ट? यद्यपि खुले हैं हमारे लिए स्कूलफिर… Posted by Rajni Prabha November 14, 2023
Posted inArticles poetry क्या खूब दिन थे-“प्रतिभा पाण्डेय “प्रति” बड़ा मजा आता था बचपन में,खलिहान हमारा घर हो जाता,सुबह से लेकर रात तक,मस्ती ही मस्ती सुझता! धान… Posted by Rajni Prabha November 14, 2023
Posted inpoetry दीपावली आई दीपोत्सव मनाओ-“अलका जैन” दीपावली के लिए मिट्टी के दीपक लाओ झुम झुम के रे भाई झुम केदीपक कोन बनाता हैदीपक क्या… Posted by Rajni Prabha November 12, 2023
Posted inpoetry इस दीवाली में-“संतोष श्रीवास्तव” हर सामर्थ्यवान को कहता हूँ,इस दीवाली इतना कर जाना,कोई घर अँधेरा जो दिख जाये,रौशनी वहाँ भी बिखेर आना।… Posted by Rajni Prabha November 12, 2023