हाइकु-“कैलाश परमार”

घोर अंधेराकर रहा संघर्षनन्हा दीपक सीख लिया हैलड़ना आंधेरों सेरह अडिग स्वयं दीप्त हूँप्रखर विचारों सेदुर्जन पस्त उर…