Posted inArticles poetry देवोत्थान एकादशी-“डाॅ सुमन मेहरोत्रा” कार्तिक मास शुक्ल पक्ष एकादशी,कहें प्रबोधिनी या देवोत्थान एकादशी। भगवान विष्णु योगनिद्रा से जागे,इसे हरि वासर या हरि… Posted by Rajni Prabha November 23, 2023
Posted inArticles poetry हँसते हुए चेहरे-“विकास” हँसते हुए चेहरे का दर्द जान सका नहीं कोई,अंदर से बिखर चुका हूँ मान सका नहीं कोई।जिससे कहा… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inpoetry आज अवध में आए राम-“चंद्रकला भरतिया” आज अवध में आए राम।स्वागत सब मिल हमको है करना।मंगल गाओ, झूमो ,नाचो, खुशी मनाओ।हर घर दीप जला,… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inpoetry ए दोस्त-“डॉ सुलक्षणा” ए दोस्त! कुछ इस तरह से अपनी दीवाली मनाना,रिश्तों की दहलीज पर प्रेम का दिया तुम जलाना। देख… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inpoetry जय माॅं कालरात्रि-“डॉ सुमन मेहरोत्रा” कार्तिक मास अमावस्या,माॅं कालरात्रि का दर्शन,रौद्र रूप माॅं है तेरा,केश तुम्हारे बिखरे अम्बे,गल में विद्युत सम माला,तमस को… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inArticles poetry भैया दूज-“डॉ सुमन मेहरोत्रा” भारतीय संस्कृति पावन सलिला,भैया दूज की परंपरा अति रोचक।श्री कृष्ण ने बध किया था नरकासुर का,विजय श्री मिली… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inpoetry संत महिमा-“डॉ सुमन मेहरोत्रा” संत महिमा का होता है सर्वत्र गुणगान।संत चरण जहां पड़े धरा पर स्वर्ग समान । संत निरभिमानी, निरहंकारी… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inpoetry मधुर-मधुर मेरे दीपक जल-“प्रतिभा पाण्डेय” अंधेरा छट जाये नभ,जल और धरित्री का,मधुर-मधुर मेरे दीपक जल । स्नेहिल गंगा अहम् की पर्वत शिलाओं से… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inpoetry छठ गीत (भोर बेरा के)-“धर्मदेव सिंह” एगो भगतिन सूरूज देवता सेका कहतारी तनि सुनल जाव। आरे उगि ना सूरूज देव रउआकि दिही हम अरगकि… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023
Posted inArticles poetry खरना (छठ पर्व का दूसरा दिन)-“डॉ सुमन मेहरोत्रा” तन मन की शुद्धता का पावन पर्वछठ पर्व का दूसरा दिन खरना होताखरना का अर्थ है शुद्धिकरण (खरा)व्रती… Posted by Rajni Prabha November 21, 2023