Posted inpoetry काकोरी डकैती काण्ड और असफाक का खत नौ अगस्त, सौ साल हुए- फिरंगी साम्राज्य थर्राया। काकोरी (लखनऊ)- रेलवे स्टेशन, घमासान छाया। … Posted by Rajni Prabha August 11, 2025
Posted inghazal poetry मेघ गीत – मेघा तू धरती पर – इंद्रदेव त्रिवेदी मेघा - मेघा तू धरती पर बरसा पानी दे। … Posted by Rajni Prabha August 7, 2025
Posted inLifestyle poetry Press Note निश्छल प्रेम प्रेम अगर पाषाण हृदय से किया जाए तो व्यर्थ हो जाता है ठीक वैसे ही जैसे बंजर भूमि… Posted by Rajni Prabha August 7, 2025
Posted infamily Humanity Lifestyle सोच अपनी_अपनी वह जेठ की भरी दोपहरी और वो तपतपाती धूप जिसने उबाल दिया था संपूर्ण धारा को मानो सूर्य… Posted by Rajni Prabha August 7, 2025
Posted inpoetry shayari Short Story आने वाला है सावन- विजय कुमार शर्मा आने वाला है सावन, मेघों की पायल छनक रही है, धरती की गोदी में हरियाली फिर से चहक… Posted by Rajni Prabha August 7, 2025
Posted inArticles poetry शब्दों की वेणी शब्दों की वेणी सजा, रचें नव्य प्रतिमान। गद्य पद्य हो या ग़ज़ल, सुन्दर बने सुजान॥ नव्य नवल नूतन… Posted by Rajni Prabha August 7, 2025
Posted inArticles Articles Events हमें जीवन में बुद्ध के आचरण को अपनाना चाहिए -डॉ. पाल राष्ट्रीय शिक्षक संचेतना के तत्वावधान में 291 वी अंतर्राष्ट्रीय संगोष्ठी जिसका विषय' महात्मा बुद्ध और उसके संदेश: वैश्विक… Posted by Rajni Prabha May 25, 2024
Posted inArticles Articles ghazal नहीं-नहीं प्रिये! ध्रुव तारा को देखो प्रिये ,अडिग अपनी जगह खड़ा ।निश्छल निश्चिंत निर्विवाद,चाह की राह में शून्य-सा पड़ा। मौसम… Posted by Rajni Prabha May 25, 2024
Posted inArticles Articles Events कुछ शब्द मेरी क़लम से ——- रूबरू मिलने का मौक़ा हमेशा नहीं मिलता, इसीलिए शब्दों से सब को छूने की कोशिश कर लेता हूँ… Posted by Rajni Prabha May 25, 2024